मऊ। शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों में पारदर्शिता और तेजी न बरतने वाले कर्मचारियों पर उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ स्थित
मधुबन तहसील प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए बीते 25 अप्रैल को चार लेखपालों को निलंबित कर दिया था। निलंबन से क्षुब्ध लेखपाल संघ मधुबन तहसीलदार कार्यालय के सामने गुरुवार को धरने पर बैठ गए। तथा निलंबित लेखपालों के बहाली की मांग करने लगें। काफी जद्दोजहद के बाद उपजिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने तीन लेखपालों को बहाल कर दिया ।तथा एक लेखपाल की वापसी नहीं की गई। लेकिन लेखपाल संघ सभी लेखपालों के बहाली की मांग पर अड़े रहें । बतादें कि लेखपाल विजय यादव, धीरज सोनी, उमाशंकर यादव और रामसेवक चौहान पर फॉर्मर रजिस्ट्री, जनगणना और अन्य राजस्व कार्यों में घोर लापरवाही बरतने का आरोप है। बार-बार निर्देशों के बावजूद कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने और विभागीय कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर एसडीएम ने यह सख्त कदम उठाया था। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही इन चारों लेखपालों को राजस्व निरीक्षक (कार्यालय) से संबद्ध कर दिया गया था। इससे क्षुब्ध लेखपालों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसके बाद विजय यादव,उमाशंकर यादव और रामसेवक चौहान को उपजिलाधिकारी ने चेतावनी के साथ बहाल कर दिया। तथा धीरज सोनी को बहाल इस लिए नहीं किया गया कि वह कार्य सरकार में रुचि नहीं लेने के साथ ही तहसील नहीं आतें। इस संबंध में एसडीएम सत्यप्रकाश ने बताया कि धीरज सोनी को नोटिस जारी किया गया है उसका सही जवाब आता है तो बहाली सुनिश्चित की जाएगी ।







