संकल्प का जोश: मधुबन में महिलाओं ने भरी विपक्षी दलों के खिलाफ हुंकार
मऊ। देश की संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ बिल को लेकर मचे घमासान के बीच अब इसकी गूँज ग्रामीण अंचलों में भी सुनाई देने लगी है। मधुबन क्षेत्र में मातृशक्ति ने एकजुट होकर विपक्षी दलों द्वारा इस बिल के विरोध में किए गए कृत्य के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। महिलाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि उनके अधिकारों का हनन करने वालों को कभी माफ नहीं किया जाएगा।
मधुबन में आयोजित एक विशाल पदयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि जिस देश में नारी को देवी के रूप में पूजा जाता है, उसी देश में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मातृशक्ति के हितों के खिलाफ जाकर विश्वासघात किया है। रैली में शामिल महिलाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर “जनाक्रोश महिला सम्मान रैली” निकाली, जिसमें अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल को गिराकर अपनी महिला विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। रैली के माध्यम से यह संकल्प लिया गया कि अपने हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा। जनाक्रोश रैली में मुख्य रूप से भाजपा नेत्री चांदनी चौहान, रंजना देवी, रीता देवी, सुरेखा, सुनैना, आंचल, काजल, शकुंतला, हेमलता, माया, रीना, अलका और प्रियंका ने नेतृत्व किया। साथ ही, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण कुंवर सिंह (शुभम), अमित कुमार गुप्ता, राहुल दीक्षित, सूर्यभान राजभर, अखिलेश राज, बलवंत चौधरी समेत कई अन्य गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









