मऊ। उत्तर प्रदेश के तहसील मधुबन
में खनन माफियाओं के सक्रियता को देखते हुए आमजन तहसील प्रशासन सहित खनन विभाग पर सवालिया निशान लगाते हुए सुबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर प्राकृतिक दोहन के साथ ही खतरें जान बनें हुए खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया है। गेहूं की कटाई के साथ ही खनन माफिया प्राकृतिक दोहन करने के लिए आतूर नजर आ रहे है। तथा यह तहसील प्रशासन और खनन विभाग के साथ साठगांठ कर अपने इस धंधे को फलीभूत करने में जुटे हुए है। खनन माफिया दिन के उजाले में ट्रैक्टर ट्राली को फर्राटे से दौड़ा रहें है। तथा लोगों के लिए खतरे जान बने हुए वहीं प्राकृतिक दोहन होने से प्रकृति पर भी खतरा मंडरा रहा है । जबकि स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है। तहसील क्षेत्र के सुजीत कुमार, आशनारायण, बृजेश दुबे ,जीवन चौबे, योगेश ,सुरेंद्र यादव, मृत्युंजय शुक्ला, पप्पू मिश्रा आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजते हुए आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन इस मामलें को गंभीरता से नहीं ले रही जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने थाना क्षेत्र के कुंवरपुरवा में हुए खनन माफियाओं के ट्रैक्टर ट्राली से बच्ची की मौत का भी उल्लेख किया है। उधर स्थानीय पुलिस पर भी सवालिया निशान लगाया है। शिकायत कर्ता उच्च अधिकारियों से मांग किया है कि ऐसे खनन माफियाओं पर अंकुश लगाया जाए जो प्राकृतिक दोहन के साथ ही लोगों के लिए खतरे जान बने हुए है। शिकायत में बताया कि तहसील प्रशासन और पुलिस के सहयोग से खनन माफिया दिन दहाड़े फराटे से अपने ट्रैक्टरों को दौड़ा रहे है। इस दौरान यदि कोई इनके चपेट में आ गया तो मौत के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाता। इस संबंध में एसडीएम सत्यप्रकाश का कहना है कि खनन पर अंकुश लगाने के लिए सभी क्षेत्रीय कानूनगो को खनन पर नजर बनाये रखने तथा खनन करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
में खनन माफियाओं के सक्रियता को देखते हुए आमजन तहसील प्रशासन सहित खनन विभाग पर सवालिया निशान लगाते हुए सुबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर प्राकृतिक दोहन के साथ ही खतरें जान बनें हुए खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया है। गेहूं की कटाई के साथ ही खनन माफिया प्राकृतिक दोहन करने के लिए आतूर नजर आ रहे है। तथा यह तहसील प्रशासन और खनन विभाग के साथ साठगांठ कर अपने इस धंधे को फलीभूत करने में जुटे हुए है। खनन माफिया दिन के उजाले में ट्रैक्टर ट्राली को फर्राटे से दौड़ा रहें है। तथा लोगों के लिए खतरे जान बने हुए वहीं प्राकृतिक दोहन होने से प्रकृति पर भी खतरा मंडरा रहा है । जबकि स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है। तहसील क्षेत्र के सुजीत कुमार, आशनारायण, बृजेश दुबे ,जीवन चौबे, योगेश ,सुरेंद्र यादव, मृत्युंजय शुक्ला, पप्पू मिश्रा आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजते हुए आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन इस मामलें को गंभीरता से नहीं ले रही जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने थाना क्षेत्र के कुंवरपुरवा में हुए खनन माफियाओं के ट्रैक्टर ट्राली से बच्ची की मौत का भी उल्लेख किया है। उधर स्थानीय पुलिस पर भी सवालिया निशान लगाया है। शिकायत कर्ता उच्च अधिकारियों से मांग किया है कि ऐसे खनन माफियाओं पर अंकुश लगाया जाए जो प्राकृतिक दोहन के साथ ही लोगों के लिए खतरे जान बने हुए है। शिकायत में बताया कि तहसील प्रशासन और पुलिस के सहयोग से खनन माफिया दिन दहाड़े फराटे से अपने ट्रैक्टरों को दौड़ा रहे है। इस दौरान यदि कोई इनके चपेट में आ गया तो मौत के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाता। इस संबंध में एसडीएम सत्यप्रकाश का कहना है कि खनन पर अंकुश लगाने के लिए सभी क्षेत्रीय कानूनगो को खनन पर नजर बनाये रखने तथा खनन करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।






