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आजमगढ़: SSP ने दिखाई मानवता, शंभूपुर कांड में अनाथ हुए दो मासूमों को लिया गोद

आजमगढ़।  खाकी का एक चेहरा सख्त और कड़क होता है, तो दूसरा चेहरा बेहद नरम और मानवीय भी होता है। इसका जीता-जागता उदाहरण आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पेश किया है। शंभूपुर कांड में अनाथ हुए दो मासूम बच्चों को एसएसपी ने न सिर्फ गोद लिया है, बल्कि उनके पूरे भविष्य की जिम्मेदारी उठाने का भी ऐलान किया है। एसएसपी के इस फैसले की पूरे जिले में सराहना हो रही है।

बताया जा रहा है कि शंभूपुर में पिता ने ही अपनी पत्नी सहित 4 लोगों की हत्या कर दी थी। हृदयविदारक घटना में दो छोटे-छोटे बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। घटना के बाद दोनों मासूम भाई-बहन बेसहारा हो गए थे। दो और तीन साल के इन मासूमों के सामने अब पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया था। जब इस मामले की जानकारी आजमगढ़ पुलिस के मुखिया एसएसपी डॉ. अनिल कुमार को हुई तो उन्होंने तुरंत मानवता की मिसाल पेश करते हुए दोनों बच्चों को गोद लेने का फैसला किया।एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने घोषणा की है कि वह दोनों अनाथ बच्चों की परवरिश और शिक्षा के लिए अपना एक माह का पूरा वेतन देंगे। यही नहीं, उन्होंने आजमगढ़ पुलिस के सभी सिपाहियों और अधिकारियों से भी अपील की है। एसएसपी की अपील पर जिले के सभी पुलिसकर्मी अपना एक दिन का वेतन इन बच्चों के भविष्य के लिए देंगे।इस राशि को एक संयुक्त खाते या फिक्स डिपॉजिट के रूप में जमा किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य की जरूरतों में कोई कमी न आए।

आमतौर पर पुलिस को लेकर लोगों में डर की भावना होती है, लेकिन एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के इस कदम ने पुलिस की मानवीय छवि को उजागर किया है। सोशल मीडिया पर इस खबर का पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कमेंट कर एसएसपी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि “धन्य है ऐसी पुलिस, जो अपराधियों के लिए सख्त और मासूमों के लिए मसीहा है।”

सूत्रों के मुताबिक एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि “ये दोनों बच्चे अब पुलिस परिवार के बच्चे हैं। इनके माता-पिता नहीं रहे, लेकिन पूरा पुलिस विभाग इनका परिवार है। इनकी शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी अब हमारी है। हम इन्हें किसी भी तरह की कमी नहीं होने देंगे।”

उन्होंने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध रोकना और अपराधियों को पकड़ना ही नहीं है, बल्कि समाज में मानवता और विश्वास को बनाए रखना भी है।

फिलहाल दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा गया है और जल्द ही उनकी शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। एसएसपी के इस सराहनीय कदम से आजमगढ़ पुलिस की पूरे पूर्वांचल में वाहवाही हो रही है।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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