मऊ। जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र के तालरतोय गांव में मंगलवार को काशी दास बाबा का वार्षिक पूजन कार्यक्रम बेहद आस्था, श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह 9 बजे से शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए आस-पास के दर्जनों गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। काशी दास बाबा की जय के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पूजन कार्यक्रम की शुरुआत एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण किया। ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यह यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए वापस पूजन स्थल पर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के स्थान की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस आयोजन के मुख्य आकर्षण पंथी अखिलेश यादव उर्फ बलाई रहे। लोक मान्यताओं के अनुसार पंथी ने बाबा का आह्वान कर सबसे पहले ‘आग मंगाई’। इसके बाद उन्होंने खौलते हुए दूध से स्नान करने की अत्यंत दुर्लभ और कठिन परंपरा को निभाया। चमत्कारिक रूप से पंथी ने स्वयं खौलते दूध से स्नान करने के बाद एक छोटे बालक को भी उसी दूध से नहलाया। आस्था के इस हैरतअंगेज दृश्य को देखकर वहां मौजूद सभी लोग अचंभित रह गए। पूरे आयोजन स्थल को केले के पत्तों, फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी झंडियों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। भजन-कीर्तन के दौर के बाद दोपहर में पूजा विधिवत संपन्न हुई। इसके तुरंत बाद एक विशाल भंडारे की शुरुआत की गई। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि इस वार्षिक पूजन से गांव में बीमारियां दूर रहती हैं और सुख-समृद्धि आती है। इस अवसर पर मुख्य रूप से रामविलास यादव, अजय यादव, नरिजन यादव, ब्रह्मदेव यादव, सुनील यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।












