0 मजबूत तथ्यों के साथ पैरवी कर अपराधियों को दिलायें सजा:- जिलाधिकारी
0 जिलाबदर अपराधियों पर रखें कड़ी नजर,पारित आदेशों में तत्काल कराएं नोटिस तामिला:- पुलिस अधीक्षक
मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक जिला अधिकारी कैंप कार्यालय में संपन्न हुई।
बैठक के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन द्वारा सत्र न्यायालय में गत माह के दौरान निस्तारित वादों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि आईपीसी की विभिन्न धाराओं में कुल 22 वाद निस्तारित हुए, जिनमें 8 मामलों में अभियुक्तों को सजा तथा 14 मामलों में रिहाई हुई। अन्य अधिनियमों के अंतर्गत निस्तारित 2 वादों में दोनों मामलों में सजा हुई। एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत निस्तारित 2 वादों में दोनों में रिहाई हुई। गैंगस्टर एक्ट के 3 वादों में 2 में सजा तथा 1 में दाखिल दफ्तर हुआ। पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत निस्तारित 3 वादों में 2 में सजा तथा 1 में रिहाई हुई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अभियोजन अधिकारियों को मजबूत तथ्यों एवं साक्ष्यों के साथ प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे अपराधियों को अधिकाधिक मामलों में सजा दिलाई जा सके। उन्होंने विशेष रूप से पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर अपराधों में जमानत मिलने के मामलों की समीक्षा करते हुए जमानत निरस्तीकरण हेतु प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अवैध जहरीली शराब तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी एवं मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु लगातार अभियान चलाया जाए।
महिला संबंधी अपराधों एवं महिला उत्पीड़न के मामलों में विभिन्न थानों पर लंबित विवेचनाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित थाना प्रभारियों को त्वरित कार्रवाई कर विवेचनाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मजबूत तथ्यों के आधार पर मुकदमे दर्ज करने तथा अपराधियों की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। गुंडा एक्ट की समीक्षा में पाया गया कि कुल 59 मामलों में से 6 मामलों में नोटिस तामील नहीं हो सकी है, जिस पर पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश बहादुर ने तत्काल नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिला बदर किए गए अपराधियों की सतत निगरानी रखने के लिए भी निर्देशित किया।
पॉक्सो एक्ट के मामलों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
अवैध लाउडस्पीकरों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शासन की मंशा के अनुरूप अभियान चलाने तथा जब्त किए गए लाउडस्पीकरों को सरकारी विद्यालयों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में गत माह जनपद में घटित हत्या, लूट, डकैती, गृहभेदन, बलात्कार, छेड़खानी सहित अन्य अपराधों की भी विस्तार से समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने समस्त उप जिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट से अधिक न हो तथा मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी प्रकार के शस्त्र प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मार्गों से ताजिया जुलूस गुजरते हैं, उनका पूर्व निरीक्षण कर लिया जाए तथा संभावित विवादों का समय रहते निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। त्योहार के दौरान सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएं। किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।












