मऊ। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में आज कैंप सभागार में जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के संभाजन के उपरांत उनकी अंतिम सूची तैयार किए जाने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों के निस्तारण के उपरांत मतदेय स्थलों के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद में मतदेय स्थलों के संभाजन की कार्रवाई की गई है। वर्तमान में जनपद में कुल 1936 मतदेय स्थल हैं, जिनमें मधुबन विधानसभा क्षेत्र में 472, घोसी में 512, मोहम्मदाबाद गोहना में 435 तथा मऊ सदर में 517 मतदेय स्थल शामिल हैं। इसी प्रकार जनपद में कुल 926 मतदान केंद्र हैं, जिनमें मधुबन में 270, घोसी में 239, मोहम्मदाबाद गोहना में 210 तथा मऊ सदर में 207 मतदान केंद्र हैं।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संभाजन के उपरांत मतदेय स्थलों की संख्या 1936 से घटकर 1899 रह जाएगी तथा 37 मतदेय स्थलों का समायोजन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मतदान केंद्रों की संख्या एवं संरचना में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संभाजन के उपरांत प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या एवं प्रक्रिया से अवगत कराते हुए बताया कि 28 जुलाई तक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी आवश्यक संलग्नकों सहित प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को भेजा जाएगा। इसके उपरांत 31 जुलाई तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा उक्त प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मतदेय स्थलों का संभाजन भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों का पालन करते हुए किया गया है। बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से इस संबंध में सुझाव प्राप्त किए गए तथा आवश्यक जानकारी साझा की गई।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित समस्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।












