0 कोर्ट ने लगाया 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड, आधी राशि पत्नी रीता सिंह को देने का आदेश; दो आरोपी बरी, एक की सुनवाई के दौरान हुई थी मौत
मऊ। सात वर्ष पुराने चर्चित लेखपाल धीरज कुमार सिंह हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नंबर-1) बाकर शमीम रिजवी की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार दोषियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की आधी धनराशि वादिनी रीता सिंह को दी जाएगी। यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करते हैं तो उन्हें छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने जगरनाथ, विनोद कुमार, मनोज राम तथा हरिभवन यादव उर्फ छन्नू यादव को हत्या, हत्या की साजिश और बलवा समेत विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया। वहीं रमेश सिंह उर्फ काका तथा अरविंद सिंह को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामले के एक अन्य आरोपी सोनू उर्फ राहुल की विचारण के दौरान मृत्यु हो जाने से उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई पहले ही समाप्त हो चुकी थी। 2019 में दिनदहाड़े घर में घुसकर की गई थी हत्या
अभियोजन के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के बुद्ध विहार कॉलोनी, सहादतपुर निवासी लेखपाल धीरज कुमार सिंह की 11 फरवरी 2019 की शाम घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी रीता सिंह ने घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया गया कि शाम करीब 5 से 5:30 बजे धीरज कुमार सिंह घर पहुंचे थे। इसी दौरान पांच लोग घर में घुस आए। जब वह चाय बनाने रसोई में गईं, तभी गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बाहर आकर देखा तो आरोपी गाली देते हुए निकल रहे थे और उनके पति लहूलुहान पड़े थे।
जांच में सात आरोपी हुए थे नामजद
घटना के बाद पुलिस ने पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान विनोद कुमार, जगरनाथ, मनोज राम, सोनू उर्फ राहुल, हरिभवन यादव उर्फ छन्नू यादव, अरविंद सिंह और रमेश सिंह उर्फ काका का नाम सामने आया। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
आठ गवाहों की गवाही बनी अहम आधार
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक शिवदत्त यादव तथा अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह और विजेश कुमार ने प्रभावी पैरवी करते हुए आठ गवाहों को अदालत में पेश किया। बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों को दोषी करार दिया।
हत्या और साजिश में आजीवन कारावास
अदालत ने हत्या के अपराध में आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा हत्या की साजिश के मामले में भी आजीवन कारावास एवं 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा बलवा के अपराध में दो-दो वर्ष तथा घातक आयुध से लैस होकर बलवा करने के अपराध में तीन-तीन वर्ष के कारावास और अलग-अलग अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई। सभी सजाएं नियमानुसार लागू होंगी।
न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा होने पर उसकी आधी धनराशि वादिनी रीता सिंह को प्रदान की जाएगी। अभियोजन के अनुसार मुकदमे के दौरान गवाहों को समय पर अदालत में प्रस्तुत कराने में आरक्षी आशीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












