Home मऊ शिक्षक MLC चुनाव में मतपत्रों की गिनती में गड़बड़ी, पीठासीन अधिकारी को...

शिक्षक MLC चुनाव में मतपत्रों की गिनती में गड़बड़ी, पीठासीन अधिकारी को DM ने थमाया नोटिस, मांगा आज ही स्पष्टीकरण

मऊ,उ.प्र। गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। मऊ के जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने एक पीठासीन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामला मतपत्रों की संख्या में अंतर का है।

जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने राजीव यादव, तहसीलदार (न्यायिक), मधुबन / पीठासीन अधिकारी, बूथ संख्या-115, कार्यालय नगर पालिका परिषद, मऊनाथ भंजन को जारी किया गया है।पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 23.10.2026 को सम्पन्न गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, गोरखपुर के निर्वाचन हेतु आपको क्रम संख्या 38487 से 39431 तक कुल 945 मतपत्र प्राप्त कराये गये थे।

आपके द्वारा कंट्रोल रूम में कुल 623 मतदान होना रिपोर्ट किया गया था। लेकिन आज दिनांक 27 अक्टूबर, 2026 को मतगणना के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में मतपेटिका खोलने पर कुल 675 मत पाए गए हैं। मतदान के आंकड़ों में 623 और 675 का यह अंतर कुल 52 मतों का है। यह स्थिति अत्यन्त आपत्तिजनक मानी गई है।

0 DM ने कहा – घोर लापरवाही और संदिग्ध आचरण…

सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, गोरखपुर के हस्ताक्षर से जारी इस नोटिस में जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने कड़ी नाराजगी जताई है। कहां कि, “यह स्थिति अत्यन्त आपत्तिजनक है। आप द्वारा निर्वाचन जैसे लोक महत्व एवं महत्वपूर्ण कार्य में यह स्थिति न केवल आपके पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही प्रदर्शित करती है, अपितु आपको सौंपे गये दायित्वों के प्रति आपका संदिग्ध आचरण भी प्रतीत होता है।”

इसी क्रम में पीठासीन अधिकारी राजीव यादव को निर्देशित किया गया है कि उक्त के सम्बन्ध में अपना स्पष्टीकरण आज ही प्रत्येक दशा में अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

इस मामले के सामने आने के बाद निर्वाचन कार्यालय में हड़कंप मच गया है। शिक्षक निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण चुनाव में मतपत्रों की गिनती में 52 मतों का अंतर गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। अब देखना यह होगा कि पीठासीन अधिकारी अपने बचाव में क्या स्पष्टीकरण देते हैं। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभागीय और निर्वाचन संबंधी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

Author Profile

पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here