Home लखनऊ महिलाओं को सुरक्षा, सहायता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की पहल

महिलाओं को सुरक्षा, सहायता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की पहल

0 मिशन शक्ति से लेकर लखपति दीदी तक, नारी सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रहा उत्तर प्रदेश।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर लगातार बड़े कदम उठा रही है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ नारी सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि हर महिला को आत्मनिर्भर बनाकर उसे समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसी क्रम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों ने सरकार की इन योजनाओं की सफलता दर्शाया है।

सोशल मीडिया और व्हाट्सएप चैनल पर जारी पोस्टर में बताया गया है कि किस तरह योगी सरकार “नारी सुरक्षा से नारी स्वावलंबन तक, हर कदम पर साथ” के संकल्प के साथ काम कर रही है।महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति है। इस योजना के तहत प्रदेश के 80,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसका उद्देश्य थानों और पुलिस चौकियों पर आने वाली हर महिला पीड़िता के साथ संवेदनशील व्यवहार, त्वरित कार्रवाई और सम्मानजनक माहौल देना है। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों की तैनाती, पिंक बूथ और एंटी रोमियो स्क्वाड को और अधिक सक्रिय किया गया है, जिससे आज महिलाएं खुद को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं।

सरकार द्वारा शुरू की गई 181 महिला हेल्पलाइन आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए संकटमोचक बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार इस हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 9.71 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता पहुंचाई जा चुकी है। चाहे घरेलू हिंसा का मामला हो, छेड़खानी हो या कोई अन्य संकट, 181 पर एक कॉल करते ही पुलिस और सहायता टीम तुरंत मदद के लिए पहुंचती है। यह सेवा 24 घंटे काम करती है, जिसने महिलाओं में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ाया है।

योगी सरकार ने पीड़ित महिलाओं को सिर्फ न्याय ही नहीं, बल्कि आर्थिक संबल भी दिया है। रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत अब तक 19,334 पीड़ित महिलाओं को 677.06 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई है। यह राशि उन महिलाओं को दी गई है जो हिंसा, दुष्कर्म या अन्य जघन्य अपराधों की शिकार हुई हैं, ताकि वे अपने जीवन को फिर से शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर न रहें।

सुरक्षा और सहायता के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के मोर्चे पर भी सरकार ने ऐतिहासिक काम किया है। स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी 28.16 लाख से अधिक महिलाएं आज लखपति दीदी बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा गया, जिससे आज वे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। यह नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव है।

कुल मिलाकर योगी सरकार की ये चार उपलब्धियां बताती हैं कि सरकार अब महिलाओं को सिर्फ सुरक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सहायता और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर ले जाकर सशक्त बना रही है।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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