मऊ। जनपद के मधुबन तहसील के नवागत उपजिलाधिकारी दीपक सिंह ने पदभार ग्रहण करने के बाद शुक्रवार को तहसील अधिवक्ता संघ मधुबन के पदाधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात तहसील सभागार में आयोजित की गई, जिसमें राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आनंद कुमार त्रिपाठी ने एसडीएम का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष आनंद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ता और प्रशासन का उद्देश्य एक ही है, और वह है आम नागरिक को समय से न्याय और राहत दिलाना। उन्होंने नवागत एसडीएम को संघ की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। मंत्री अविनाश कुमार मल्ल ने कहा कि तहसील में फाइलों के निस्तारण, पैमाइश, दाखिल-खारिज और उत्तराधिकार जैसे कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है, ताकि वादकारियों को बार-बार चक्कर न लगाने पड़े।
इस पर एसडीएम दीपक सिंह ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि तहसील का कामकाज पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ हो। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके सुझावों को प्रशासन गंभीरता से लेगा। राजस्व और न्यायिक कार्यों में यदि कहीं भी विलंब या अव्यवस्था दिखाई दे तो अधिवक्ता संघ सीधे उनके संज्ञान में ला सकता है। इसके लिए तहसील स्तर पर नियमित संवाद की व्यवस्था बनाई जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि राजस्व वादों के निस्तारण में लंबित मामलों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। पैमाइश और सीमांकन के कार्यों में शिकायतें न आएं इसके लिए लेखपालों और कानूनगो को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि तहसील परिसर में आने वाले वृद्धजनों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए बैठने और पेयजल की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
दीपक सिंह ने कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि तहसील क्षेत्र में शांति बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में त्वरित संवाद से समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। इसमें अधिवक्ता संघ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने कई व्यावहारिक समस्याएं भी रखीं। योगेश चतुर्वेदी ने कहा कि सुनवाई की तारीखों में अनावश्यक अंतराल से वादकारी परेशान होते हैं। प्रदीप मिश्र ने फाइलों की ट्रैकिंग के लिए एकल खिड़की प्रणाली की मांग की। संतोष तिवारी ने तहसील में पार्किंग और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त करने का सुझाव दिया। शिवप्रकाश सिंह और संजय तिवारी ने कहा कि अधिवक्ताओं के बैठने के लिए बार रूम की सुविधाओं को और बेहतर किया जाए।
इन सभी बिंदुओं को एसडीएम ने गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर लंबित राजस्व वादों की समीक्षा बैठक फिर से बुलाई जाएगी, जिसमें प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
एसडीएम ने भी सभी का आभार जताते हुए कहा कि जनता की सेवा ही हमारा धर्म है। इसके लिए प्रशासन और अधिवक्ता संघ के बीच आपसी विश्वास और संवाद बना रहना जरूरी है। इस अवसर पर बीरेन्द्र यादव, अखिलेश कुमार पाण्डेय, भूपेंद्र नाथ, देवेन्द्र श्रीवास्तव,सुरेश कुमार, सत्यप्रकाश सिंह, सुधांशु आदि रहें।










