मधुबन, मऊ। तहसील क्षेत्र के देवांचल इलाके के धर्मपुर विशुनपुर गांव के सैकड़ों किसानों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मियों पर फसल क्षति मुआवजा वितरण में जमकर धांधली बरतने का आरोप लगाया। बाद में आक्रोशित किसानों ने लेखपाल के आवास का भी घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि हाल ही में आई बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण उनकी हजारों बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। धान, मक्का और सब्जी की फसलें पानी में सड़ गईं। सरकार द्वारा फसल क्षति मुआवजा देने की घोषणा की गई है, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा जो मुआवजा दिया जा रहा है वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। यह राशि बीज और खाद की लागत से भी कम है। किसानों ने आरोप लगाया कि लेखपाल और राजस्व कर्मी खेतों में जाकर सही सर्वे नहीं कर रहे हैं, बल्कि कार्यालय में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दे रहे हैं।
प्रदर्शनकारी किसानों का यह भी आरोप है कि तहसील में फसल क्षति के लिए ऑनलाइन फार्म भरने के नाम पर राजस्व कर्मियों द्वारा पैसे वसूले जा रहे हैं। जो किसान 200 से 500 रुपये दे रहा है, उसी का फार्म ऑनलाइन किया जा रहा है और जो पैसा नहीं दे रहा है, उसे दौड़ाया जा रहा है।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आए राहत किट वितरण में भी धांधली का आरोप लगाया । किसानों का कहना है कि धर्मपुर विशुनपुर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव है, लेकिन यहां राहत किट का वितरण सही लोगों तक नहीं पहुंचा। प्रधान और लेखपाल की मिलीभगत से अपने चहेतों को किट बांट दी गई, जबकि वास्तविक पीड़ित किसान वंचित रह गए।
सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों किसान तहसील मुख्यालय पहुंचे। किसानों ने हाथों में फसल क्षति के आवेदन लेकर तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। किसानों ने “तहसील प्रशासन मुर्दाबाद”, “लेखपाल की मनमानी नहीं चलेगी” के नारे लगाए।
काफी देर तक तहसील में कोई अधिकारी सुनने नहीं आया तो आक्रोशित किसान वहां से निकलकर सीधे हल्का लेखपाल के आवास पर पहुंच गए और आवास का घेराव कर दिया। वहां भी जमकर हंगामा हुआ।
हंगामे की सूचना पर तहसीलदार अशोक कुमार किसानों को समझा-बुझा कर शांत किया।
इस संबंध में एसडीएम दीपक सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायत मिली है। फसलों के नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है। कुछ किसानों को पहली सूची में मुआवजा दिया गया है, शेष किसानों का सर्वे चल रहा है। शीघ्र ही सभी पात्र किसानों को सरकार की मंशा के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा। अगर किसी लेखपाल द्वारा पैसे मांगने की बात सामने आती है तो उसकी जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के अंदर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और धांधली बंद नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे। इस अवसर पर बृजेश निषाद, प्रभुनाथ शर्मा, राम बदन यादव, लल्लन प्रसाद, बीरबल यादव, दिनेश प्रसाद, रेनू देवी, कबूतरी देवी, उर्मिला, प्यारी देवी, राम विलास, जवाहिर, उमेश, महेंद्र, श्याम सुन्दर, वशिष्ठ यादव, सनेजर, रमेश प्रसाद सहित दर्जनों किसान विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
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- प्रधान सम्पादक
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