मऊ। घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से जनपद के मधुबन तहसील का धर्मपुर बिशनपुर का बिन्टोलिया क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया है। हालांकि पिछले दो दिनों से बाढ़ के पानी में कमी देखी जा रही है, लेकिन नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार ने बाढ़ प्रभावित बिन्टोलिया क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मुख्य दो मांगें प्रमुखता से रखीं। प्रभावित लोगों ने मांग किया कि कटान को रोकने के लिए पूर्व में निर्मित 700 मीटर के ठोकर को विस्तारित किया जाए और बहुप्रतीक्षित मोहन सेतु का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया जाए। मुख्य राजस्व अधिकारी ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए प्रस्ताव बनाकर शासन को पत्र भेजने का आश्वासन दिया।
मुख्य राजस्व अधिकारी ने बाढ़ प्रभावित टोला और घाघरा के किनारे बसे गांवों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बाढ़ के कारण उनकी सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो जाती है, घरों में पानी घुस जाता है और पशुओं के चारे की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल पानी कम हो रहा है, जिससे थोड़ी राहत है, लेकिन कटान तेजी से हो रहा है। अगर कटान नहीं रोका गया तो कई घर घाघरा में समा जाएंगे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके साथ है और हर संभव मदद की जाएगी।
बिन्टोलिया के ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग ठोकर को विस्तारित करने की है। ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ और कटान को रोकने के लिए शासन द्वारा करीब 700 मीटर लंबा ठोकर बनाया गया था, जिससे कुछ हद तक राहत मिली थी। लेकिन घाघरा नदी का दायरा काफी बड़ा है और 700 मीटर का ठोकर नाकाफी है। नदी दूसरी तरफ से कटान कर रही है।
ग्रामीणों ने मांग किया कि इस ठोकर को कम से कम एक से डेढ़ किलोमीटर और बढ़ाया जाए, ताकि पूरे गांव को कटान से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी इसी मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।दूसरी प्रमुख मांग मोहन सेतु के निर्माण को शीघ्र पूरा करने की है।
ग्रामीणों ने बताया कि मोहन सेतु का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने मुख्य राजस्व अधिकारी से मांग किया कि इसके निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इसे जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि बाढ़ के समय लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार ने ग्रामीणों की दोनों मांगों को ध्यान से सुना और मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी दीपक सिंह को निर्देश दिया कि इसका एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि कटान एक गंभीर समस्या है और ठोकर के विस्तार के लिए सिंचाई विभाग से समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव भेजा जाएगा। वहीं मोहन सेतु के निर्माण को लेकर सेतु निगम से बात कर कार्य में तेजी लाने को कहा जाएगा।
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, इसलिए सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए नाव, राहत सामग्री और मेडिकल टीम तैयार है।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी दीपक सिंह, तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव, कानूनगो योगेंद्र यादव, लेखपाल शरद यादव सहित कई राजस्व कर्मी मौजूद रहे।










