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जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न ,स्व-गणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के दिए निर्देश

0 विद्यालयों में जनगणना जागरूकता के लिए विशेष कक्षा संचालित कराने तथा प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश।*

मऊ। जनगणना  के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) की तैयारियों एवं कार्ययोजना के संबंध में आज जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों, विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य को निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सुचारु, व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत संचालित होने वाली स्व-गणना (Self Enumeration) तथा प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा किए जाने वाले मकान सूचीकरण एवं जनसंख्या गणना संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि स्व-गणना का कार्य 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके उपरांत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनगणना का कार्य किया जाएगा। वहीं, 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण संबंधी कार्यवाही संपन्न कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य में लगाए गए सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को समय से आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्हें जनगणना की प्रक्रिया, निर्धारित प्रपत्रों तथा डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संकलन के संबंध में समुचित जानकारी प्रदान की जाए, ताकि जनगणना कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न होने पाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्व-गणना के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए जनगणना के महत्व एवं स्व-गणना की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश एवं समाज के विकास, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण तथा संसाधनों के बेहतर नियोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता एवं सही जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। बैठक में जिलाधिकारी ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में जनगणना के महत्व एवं उसकी प्रक्रिया के संबंध में एक विशेष जागरूकता कक्षा संचालित कराई जाए, जिसमें विद्यार्थियों को जनगणना के उद्देश्य एवं उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जनगणना के प्रति जागरूक कर सकते हैं। इस क्रम में उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी के रूप में नामित करने तथा उनके माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों तक जनगणना संबंधी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करती है। अतः सभी अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लें, जिससे जनगणना-2027 के द्वितीय चरण का कार्य पारदर्शी, त्रुटिरहित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारीगण सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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