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मऊ में बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर सिपाही सहित चार का भंडाफोड़, एसपी सर्वेश मिश्रा ने किया बड़ा खुलासा, 10 हजार का इनाम

मऊ, उ.प्र। मऊ जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर एक व्यक्ति को फंसाने की साजिश रचने वाले एक सिपाही सहित चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़े खुलासे को लेकर पुलिस अधीक्षक सर्वेश मिश्रा ने पुलिस कार्यालय में मीडिया के सामने पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार लोगों में आरक्षी विशाल भारती, सकीना खातून, निसार अहमद और जोया शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर एक सोची-समझी साजिश के तहत पीड़िता के पिता को फंसाने के लिए बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी आरक्षी विशाल भारती मोहम्मदाबाद थाने में बलात्कार के आरोप में पहले से ही एक मुकदमे में आरोपी है और वर्तमान में जमानत पर बाहर है। उसी मुकदमे की पीड़िता के पिता को फंसाने के लिए विशाल भारती ने यह नई साजिश रची थी।

आरोपी सिपाही ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक महिला से पीड़िता के पिता के खिलाफ बलात्कार का झूठा आरोप लगवाया और मुकदमा दर्ज करा दिया। मकसद था कि पीड़िता का पिता भी इसी तरह मुकदमे में फंस जाए और दबाव में आकर पुराना मुकदमा वापस ले ले या समझौता कर ले।

इस साजिश में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे। महिलाओं का इस्तेमाल झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए किया गया था, जबकि पुरुष साजिश को अंजाम देने और दबाव बनाने का काम कर रहे थे।

इस झूठे मुकदमे की जांच जब कोतवाली पुलिस के पास पहुंची तो जांच के दौरान कई विरोधाभास सामने आए। महिला के बयान, घटना स्थल और समय को लेकर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने गहनता से जांच की, कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य साक्ष्य जुटाए।

जांच में यह साफ हो गया कि पूरा मुकदमा झूठा है और यह एक सोची-समझी साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है।

इस बड़े खुलासे को लेकर पुलिस अधीक्षक सर्वेश मिश्रा ने कोतवाली पुलिस टीम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के झूठे मुकदमे समाज के लिए खतरनाक हैं और इससे वास्तविक पीड़ितों को भी न्याय मिलने में दिक्कत होती है। इस सराहनीय कार्य के लिए एसपी ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

एसपी ने कहा कि आरोपी सिपाही विशाल भारती के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। उसे निलंबित कर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। अन्य आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।

इस खुलासे के बाद जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है कि एक वर्दीधारी ही कानून का दुरुपयोग कर झूठा मुकदमा दर्ज करा रहा था। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास न करे, ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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