मेरठ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ के लिए गर्व का क्षण है। मधुबन तहसील के डुमरी, मर्यादपुर गांव के लाल और वर्तमान में जिला जज मेरठ के पद पर तैनात न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा ने एक चर्चित और सनसनीखेज मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाकर पूरे देश में मऊ और मर्यादपुर का नाम रोशन किया है।
जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा द्वारा मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में 126 सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद दोषियों को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई गई है। इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है और हर तरफ इस फैसले की चर्चा हो रही है।
0 क्या था सौरभ राजपूत हत्याकांड?
बता दें कि सौरभ राजपूत हत्याकांड मेरठ का एक बेहद जघन्य और चर्चित मामला था, जिसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था। इस मामले में क्रूरता की सभी हदें पार कर दी गई थीं। मामला न्यायालय में काफी समय से विचाराधीन था। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने इस केस की गंभीरता को समझते हुए त्वरित और निष्पक्ष सुनवाई की। 126 तारीखों तक चली लंबी सुनवाई के दौरान 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया गया और अंत में न्याय की जीत हुई। उन्होंने दोषियों को भारतीय न्याय संहिता के तहत दुर्लभ से दुर्लभतम (Rarest of the Rare) मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।
अरविंद कुमार मिश्रा का यह फैसला सिर्फ एक फैसला नहीं, बल्कि उनकी कर्तव्यनिष्ठा, न्यायप्रियता और निर्भीकता का प्रतीक है। जनपद मऊ की मधुबन तहसील के छोटे से गांव डुमरी मर्यादपुर से निकलकर जिला जज के सर्वोच्च पद तक पहुंचना और फिर इतना बड़ा फैसला सुनाना, निश्चित रूप से हर युवा के लिए प्रेरणा है।
मर्यादपुर की धरती के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां का सपूत आज अपनी न्यायप्रियता से देशभर में चर्चा में है। गांव के लोगों में इस फैसले के बाद जबरदस्त खुशी और उत्साह है।
इस ऐतिहासिक फैसले की खबर मिलते ही मर्यादपुर स्थित उनके पैतृक आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। पूर्व विधायक उमेश चंद पांडेय, युवा नेता शुभम तिवारी,अमित मिश्र,राष्ट्र कुंवर सिंह सहित कई प्रबुद्ध जन, अधिवक्ता और ग्रामीण उनके घर पहुंचे और परिजनों को बधाई दी।
पूर्व विधायक उमेश चंद पांडेय ने कहा, “अरविंद कुमार मिश्रा ने मऊ का मान बढ़ाया है। वह बचपन से ही मेधावी और न्यायप्रिय रहे हैं। उनका यह फैसला बताता है कि न्यायपालिका में अभी भी गरीबों और पीड़ितों को न्याय मिलता है। मर्यादपुर ही नहीं, पूरे मऊ को उन पर गर्व है।”
युवा नेता शुभम तिवारी ने कहा कि मर्यादपुर ने हमेशा से प्रतिभाओं को जन्म दिया है और अरविंद मिश्रा जी उनमें से एक चमकता सितारा हैं। उनके फैसले ने यह साबित किया है कि अपराध चाहे कितना भी बड़ा हो, कानून से बड़ा नहीं है।
परिजनों ने बताया कि अरविंद शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं और उनका सपना न्यायाधीश बनकर समाज को न्याय दिलाना था, जिसे उन्होंने आज पूरा कर दिखाया।
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- प्रधान सम्पादक
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