मऊ। मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाडिया की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, जिला वृक्षारोपण समिति, आर्द्रभूमि समिति
एवं जिला पर्यावरण समिति की मासिक बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, पौधों की सुरक्षा, बायोमेडिकल कचरे के उचित निस्तारण, नदियों की स्वच्छता तथा विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने वन विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से कराए गए वृक्षारोपण कार्यों में लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि वृक्षारोपण कार्यों की अंतरविभागीय जांच तत्परता एवं पूरी निष्ठा के साथ की जाए। यदि कोई पौधा सूख जाता है अथवा किसी अन्य कारण से नष्ट हो जाता है, तो संबंधित विभाग वन विभाग से पौधा प्राप्त कर उसी स्थान पर पुनः रोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों द्वारा सत्यापन किए जाने के उपरांत मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय की ओर से भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है।
आगामी धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान प्रतिमाओं को सीधे नदियों में विसर्जित न किया जाए। इसके स्थान पर निर्धारित कृत्रिम तालाबों अथवा अन्य चिन्हित विसर्जन स्थलों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि नदियों एवं जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाया जा सके।
बायोमेडिकल कचरे के निस्तारण की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से जनपद के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे का प्रतिदिन का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक अस्पताल से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे की मात्रा, उसके संग्रहण एवं निस्तारण की प्रक्रिया तथा संबंधित अस्पतालों और अधिकृत कचरा निस्तारण एजेंसियों के बीच किए गए अनुबंधों की स्थिति की जानकारी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी अस्पताल निर्धारित मानकों के अनुसार बायोमेडिकल कचरे का निस्तारण करें। अनुबंधों एवं निर्धारित नियमों का अनुपालन न करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला गंगा समिति के सदस्यों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि समिति की मासिक बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा संबंध जनस्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से है। बैठक में नामित विभागाध्यक्ष स्वयं उपस्थित होना सुनिश्चित करें। बिना उचित कारण के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने सहित नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, जनपद के ग्रामों एवं कस्बों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा नदियों में गिरने वाले नालों के दूषित जल के शोधन के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने जल निगम (शहरी) एवं नगर पालिका को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करने और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को इस संबंध में माह के अंत तक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं जिला गंगा समिति के सदस्यों को निर्देशित किया गया कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं नदियों के पुनरुद्धार से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में डीएफओ पी.के. पांडेय, उपायुक्त श्रम रोजगार राजीव कुमार, जिला पंचायती राज अधिकारी किरन वर्मा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित अन्य ऑफिसर उपस्थित रहे।
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- प्रधान सम्पादक
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