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लेखपालों का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; 22 सितंबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी

मऊ। जिले की मधुबन तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को एक ज्ञापन सौंपा है। लेखपालों ने चेतावनी दी है कि यदि 2 अगस्त 2026 को जारी कार्यवृत्त पर प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, तो 22 सितंबर 2026 से कड़े कदम उठाए जाएंगे।
उपजिलाधिकारी मधुबन को यह ज्ञापन तहसील अध्यक्ष शरद कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपा गया। इस मौके पर संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार गोंड, उप मंत्री सत्यम मल्ल, और ऑडिटर नीरज चौधरी सहित लेखपाल प्रशांत राय, मनीष श्रीवास्तव, मनोज यादव और अभिषेक गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
लेखपाल संघ द्वारा सौंपे गए 8 सूत्रीय ज्ञापन की मुख्य मांगें निम्नवत है ,वर्ष 2018 के शासनादेश के बावजूद 8 वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पोर्टल पुनः खोलना ,चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी करना और 2024 के नव नियुक्त लेखपालों के परीक्षा परिणाम घोषित करना।,महंगाई के दृष्टिगत भत्तों में वृद्धि करते हुए स्टेशनरी भत्ता ₹500, मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता ₹1500 और विशेष भत्ता ₹1000 प्रतिमाह करना।, भूलेख कार्यालयों व अन्य पटलों से संबद्ध लेखपालों को अविलंब अवमुक्त कर मूल कार्य पर वापस भेजना।,ग्राम सचिवालयों में बिना बुनियादी सुविधाओं (सुरक्षित कक्ष, इंटरनेट, शौचालय) के लगाए जा रहे रोस्टर का विरोध, तथा अयोध्या में एक लेखपाल के साथ हुई घटना के बाद पंचायत सचिवालय रोस्टर का पूर्ण बहिष्कार।,बहुप्रतीक्षित मांग के अनुसार प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे की वेतन विसंगति को दूर करना। सहित लेखपाल पद को ‘टेक्निकल पद’ घोषित करते हुए लैपटॉप और मोबाइल जैसे उच्च तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना। आदि है।
ज्ञापन के अंत में संघ ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि शासन और राजस्व परिषद द्वारा तत्काल न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 22 सितंबर 2026 से प्रदेश के समस्त लेखपाल अतिरिक्त हलके का बहिष्कार करेंगे। वे अपना बस्ता तहसील कार्यालय में जमा करा देंगे और भविष्य में सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। संघ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस निर्णय के फलस्वरूप राजस्व प्रशासन या जनसेवा में होने वाली किसी भी असुविधा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन की होगी।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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