विशेष रिपोर्ट: प्रधान संपादक पवन कुमार पाण्डेय
मऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती द्वारा आकाश आनंद को पार्टी से निकाले जाने के फैसले का असर अब मऊ जिले में भी दिखने लगा है। आकाश आनंद के समर्थन में बसपा को मऊ जिले में उस समय बड़ा झटका लगा, जब मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के पूर्व प्रत्याशी रहे डॉ. धर्म सिंह गौतम ने बसपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।
डॉ. धर्म सिंह गौतम ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी नेतृत्व द्वारा आकाश आनंद को लेकर अपनाए गए रुख को प्रमुख वजह बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के इस फैसले से वह काफी आहत हैं।
0 आकाश आनंद को मिलनी चाहिए थी बड़ी जिम्मेदारी…
डॉ. धर्म सिंह गौतम का कहना है कि आकाश आनंद बसपा के युवा चेहरा हैं और युवाओं में उनकी काफी लोकप्रियता है। संगठन की जिम्मेदारी देकर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में उन्हें सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलना चाहिए था।उनके मुताबिक, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार दौरे कर संगठन को मजबूत करने में युवा नेतृत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता था। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसके विपरीत फैसला लिया है।
पूर्व बसपा प्रत्याशी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी को मजबूत और सक्रिय करने के लिए युवा नेतृत्व की अत्यंत आवश्यकता है। बसपा का जनाधार खिसक रहा है और ऐसे दौर में युवाओं को आगे लाना जरूरी था।
0 बार-बार की कार्रवाई से आहत….
डॉ. गौतम ने कहा कि ऐसे दौर में आकाश आनंद को बार-बार जिम्मेदारियों से हटाया जाना और फिर पार्टी से बाहर किए जाने जैसे फैसलों ने उन्हें निराश किया है। उन्होंने दावा किया कि बार-बार की कार्रवाई से वह आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद ने पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने पूरे प्रदेश में बसपा को मजबूत करने के लिए यात्राएं कीं और कार्यकर्ताओं में जोश भरा, लेकिन उन्हें बार-बार हतोत्साहित किया गया।
बता दें कि डॉ. धर्म सिंह गौतम मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। वह बसपा के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। उनके इस्तीफे से मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र में बसपा को बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
इस इस्तीफे के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आकाश आनंद कोई नया दल बनाते हैं या किसी अन्य पार्टी में जाते हैं तो पूर्वांचल में बसपा को और भी झटका लग सकता है।
फिलहाल इस मामले पर बसपा जिला इकाई की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।












