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मऊ। जनपद के मधुबन नगर पंचायत के वार्ड संख्या 10 में अधूरे पड़े इंटरलॉकिंग मार्ग एवं नाली निर्माण को लेकर अब स्थानीय जनता का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। क्षेत्रवासियों ने सीधे योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान लें, तभी इस समस्या का समाधान संभव हो सकेगा। स्थानीय नानागरिकों ने इस संबंध में पूर्व में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को भी ज्ञापन सौंपा गया था, किंतु अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में गहरी निराशा व्याप्त है और प्रशासनिक कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। सबसे अधिक पीड़ा का विषय यह है कि जो खड़ंजा मार्ग पूर्व में बना हुआ था, उसे ठेकेदार के निर्देश पर उखाड़ दिया गया और उसके बाद कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया। परिणामस्वरूप अब वह मार्ग पूरी तरह बाधित हो चुका है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि लोगों को अपने दैनिक आवागमन के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। वार्ड के लोगों ने बताया कि यह मार्ग न केवल आमजन के लिए, बल्कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण था। वर्तमान स्थिति में आवागमन कठिन ही नहीं, बल्कि जोखिमपूर्ण भी हो गया है। कई बार लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों में भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड के लोगों ने यह भी कटाक्ष किया कि जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी अक्सर धार्मिक यात्राओं, सामाजिक आयोजनों—जैसे जन्मदिन, विवाह समारोह—में सक्रिय रूप से भाग लेते दिखाई देते हैं, किंतु क्षेत्र के बुनियादी विकास कार्यों की ओर उनका ध्यान नहीं जाता। इस दोहरे रवैये से जनता में असंतोष और अधिक गहरा हो गया है।नागरिकों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे तत्काल संबंधित विभाग को निर्देशित कर अधूरे पड़े इंटरलॉकिंग एवं नाली निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराएं और जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। उनका कहना है कि यह केवल एक सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि जनता के मूलभूत अधिकार और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। अब देखना यह है कि क्या शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या पर त्वरित संज्ञान लेकर जनता को राहत प्रदान करता है या फिर यह मुद्दा भी अन्य अधूरे वादों की तरह अनदेखा रह जाएगा।

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