मऊ। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के विद्युत वितरण खंड-घोसी में स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, घोसी डिवीजन में तकनीशियन लगभग 14 वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात है, जबकि विभाग में समय-समय पर स्थानांतरण किए जाते रहे हैं।
इसी क्रम में मुख्य अभियंता (वितरण), आजमगढ़ क्षेत्र द्वारा जुलाई 2026 में तकनीशियनों का स्थानांतरण विद्युत वितरण खंड-घोसी, से मऊ प्रथम डिवीजन एवम् बलिया जनपद में किया गया। आरोप है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित तकनीशियन को अभी तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि निदेशक (वाणिज्य), उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा पत्रांक I/62841/2026 दिनांक 21 अगस्त 2026 को जारी समीक्षा बैठक के निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्थानांतरित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त किया जाए।
इसके बावजूद स्थानांतरण आदेश के अनुपालन में देरी को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सक्षम स्तर से जारी स्थानांतरण आदेशों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मांग की गई है कि घोसी डिवीजन में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों की तैनाती की समीक्षा की जाए तथा जारी स्थानांतरण आदेशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानांतरण आदेश के बावजूद संबंधित कर्मचारी को तत्काल कार्यमुक्त नहीं किया गया तो विद्युत वितरण खंड-घोसी में संगठन द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने अधिकारियों से मांग की है कि सक्षम प्राधिकारी के आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा












