मऊ। नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद एक बार फिर जनपद के मधुबन तहसील में घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। नदी का जलस्तर बुधवार सुबह हाहा नाला गेज पर 65.24 मीटर मापा गया, जो खतरा बिंदु 66.31 मीटर से मात्र 1.07 मीटर नीचे है। नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तहसील के देवांचल क्षेत्र के लोगों में एक बार फिर भय और दहशत का माहौल है।
सिंचाई विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों में घाघरा के जलस्तर में 10 से 12 सेमी वृद्धि हुई है। नेपाल के बैराजों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी उफान पर है। बुधवार सुबह हाहा नाला पर जलस्तर 65.24 मीटर दर्ज किया गया। अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो जल्द ही नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है। गौरतलब है कि दो सप्ताह से घाघरा के जलस्तर में कमी के चलते देवांचल के लोग राहत की सांस ले रहें थे। अब पानी घटने के बाद फिर से बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
नदी का जलस्तर बढ़ने की खबर मिलते ही देवांचल के लोगों में हड़कंप मच गया है। देवांचल क्षेत्र के दर्जनों गांव नदी के किनारे बसे हुए हैं, जो हर साल बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि अभी पिछली बाढ़ से हुए नुकसान से वे उबर भी नहीं पाए थे कि फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खेतों में लगी धान की फसल पानी में डूब रही है। यदि फिर से पानी गांवों में घुसा तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी और पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो जाएगा।
जलस्तर बढ़ने की सूचना पर प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। उप जिलाधिकारी मधुबन दीपक सिंह ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने लेखपालों और बाढ़ ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार नजर बनाए रखें और जलस्तर की हर घंटे रिपोर्ट दें। नाव और राहत सामग्री को तैयार रखने को कहा गया है।फिलहाल घाघरा का पानी अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जिस तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उससे आने वाा समय अहम माना जा रहे हैं।










