मऊ। जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र के निधियाव बेलौली स्थित प्रसिद्ध महिषासुर मर्दिनी महालक्ष्मी मंदिर में 5 अगस्त 2026, बुधवार को माँ अष्टभुजा पूजा के अंतर्गत “माँ के दिव्य मुकुट धारण” का भव्य आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9 बजे होगा।इस पावन आयोजन को लेकर क्षेत्र में श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सत्यप्रकाश चौबे एवं समस्त श्रद्धालुओं के सहयोग से किया जा रहा है। महिषासुर मर्दिनी महालक्ष्मी मंदिर निधियाव ,बेलौली क्षेत्र का आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि माँ अष्टभुजा रूप में यहां विराजमान होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। बतादे कि बीतें दिनों माता का मुकुट चोरी हो गया था। इस दशा में मंदिर के पुजारियों के अनुसार माँ को दिव्य मुकुट धारण कराना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। आयोजक डॉ. सत्यप्रकाश चौबे ने बताया कि “इस कार्यक्रम के माध्यम से माँ को नया स्वर्ण जड़ित मुकुट अर्पित किया जाएगा। यह मुकुट भक्तों के सहयोग से बनवाया गया है। मान्यता है कि मुकुट धारण के बाद माँ की कृपा से घर में सुख-समृद्धि, आरोग्य और शांति का वास होता है।आयोजकों ने बताया कि पूजा के उपरांत विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा और यातायात को सुचारू रखने के लिए स्थानीय प्रशासन से भी समन्वय किया गया है।
0 क्षेत्र में धार्मिक माहौल
इस आयोजन को लेकर निधियाव, बेलौली और आसपास के गांवों में धार्मिक माहौल है। मंदिर समिति के सदस्यों ने घर-घर जाकर निमंत्रण पत्र बांटे हैं। महिलाओं और युवाओं में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह है। भजन-कीर्तन मंडलियों द्वारा माँ के भजनों की प्रस्तुति भी की जाएगी।स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि महालक्ष्मी मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक है। नवरात्र और अन्य पर्वों पर यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस बार मुकुट धारण कार्यक्रम के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। डॉ. सत्यप्रकाश चौबे ने सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि “यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि हमें माँ की सेवा का अवसर मिल रहा है। 5 अगस्त 2026 को प्रातः 9 बजे सभी भक्तजन सपरिवार पधारें और माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें।”उन्होंने कहा कि माँ अष्टभुजा सभी की रक्षा करती हैं और संकटों को दूर करती हैं। ऐसे शुभ अवसर पर सभी को एकजुट होकर धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहिए।मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, बैठने और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों ने प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।












