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मधुबन तहसील के कानूनगों पर लगें गंभीर आरोप, एसडीएम ने जांच के दिये आदेश

मऊ। जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र में राजस्व विभाग के एक कानूनगों पर गंभीर आरोप लगे हैं। काठंतराव गांव निवासी विजय शंकर तिवारी ने तहसील के कानूनगों राजू सिंह पर पैसे लेकर उनकी पत्नी आशा तिवारी को मतक दिखाते हुए कुल 7 गाटों के राजस्व अभिलेख से नाम हटाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने सोमवार को एसडीएम दीपक सिंह से मिलकर लिखित शिकायत दी। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
काठंतराव निवासी विजय शंकर तिवारी ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके परिवार के नाम मधुबन तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कुल 7 गाटे भूमि दर्ज है। इन सभी गाटों में उनकी पत्नी आशा तिवारी का नाम भी सह-खातेदार के रूप में दर्ज था।
आरोप है कि कुछ दिन पहले उन्हें पता चला कि राजस्व अभिलेख में फेरबदल कर इन 7 गाटों से उनकी पत्नी का नाम हटा दिया गया है।
विजय शंकर का कहना है कि न तो उन्हें कोई नोटिस दी गई और न ही उनकी पत्नी से कोई बयान लिया गया। बिना सूचना के एकतरफा कार्रवाई कर नाम हटाना नियमों के खिलाफ है। पीड़ित ने इसे उत्पीड़न और भ्रष्टाचार का मामला बताया। पीड़ित सोमवार दोपहर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम दीपक सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने कानूनगों राजू सिंह के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पत्नी आशा तिवारी का नाम पुनः सभी 7 गाटों में दर्ज कराने की मांग की।
एसडीएम दीपक सिंह ने पीड़ित की बात सुनी और मामलें की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तहसीलदार मधुबन को जांच के आदेश दिए। एसडीएम ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में किसी का नाम हटाने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाती है। यदि बिना प्रक्रिया के नाम काटा गया है और पैसे की मांग की गई है तो यह बहुत गंभीर विषय है। दोषी पाए जाने पर संबंधित कानूनगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानूनगों राजू सिंह से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
एसडीएम दीपक सिंह ने कहा, “पीड़ित की शिकायत प्राप्त हुई है। तहसीलदार को निर्देशित किया गया है कि वे पूरे मामले की जांच करें और देखें कि नाम किस आधार पर हटाया गया। यदि प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है या भ्रष्टाचार का मामला है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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