मऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा नगर पंचायत दोहरीघाट के अध्यक्ष विनय कुमार जायसवाल के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया गया है। न्यायालय ने उन्हें 17 अगस्त 2026 तक पूर्व में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय का पालन करने या अपील में कोई नया आर्डर लेकर आने को निर्देशित किया है। मामला सन 2013 में नगर पंचायत में कार्यरत एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को अनुचित तरीके से बर्खास्त किए जाने से जुड़ा है।
सन 2013 में तत्कालीन अध्यक्ष पुष्पा साहू के द्वारा बिना किसी कारण के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सुरेश यादव निवासी कुण्डाशरीफपुर को जन्म तिथि गलत बता कर बर्खास्त कर दिया गया था। आरोप जन्मतिथि को गलत दर्शाने का था। विभाग द्वारा पीड़ित को 10 साल पूर्व ही रिटायर कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ सन 2014 में पीड़ित ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील दायर कर दिया। जिला अधिकारी के आदेश को चुनौती दी। 2024 में उच्च न्यायालय द्वारा पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया गया और नगर पंचायत दोहरीघाट को उसे 10 साल की बकाया सैलरी का भुगतान करने और रिटायरमेंट के बाद भी उसके सभी बेनिफिट्स को जारी रखने का आदेश दिया गया। वही पीड़ित पक्ष के वकील द्वारा 3 बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी नगर पंचायत अध्यक्ष विनय कुमार जायसवाल के द्वारा कोर्ट के निर्णय का पालन नहीं किया गया। जिसके बाद पीड़ित पक्ष द्वारा पुनः न्यायालय में अवमानना की अपील दायर की गयी। वहीं दूसरी तरफ दूसरे पक्ष द्वारा रिट कोर्ट के इस फैसले को उच्च न्यायालय के डबल बेंच में अपील कर दी गई। दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहबाद ने नगर पंचायत दोहरीघाट को 17 अगस्त 2026 तक उसके आदेशों का पालन करने यानी पीड़ित कर्मचारी को उसके सभी बकाया भुगतान को चुकाने या इस अपील में कोई नया आर्डर लेकर आने को निर्देशित किया है। इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी नगर विकास- लखनऊ को भी नोटिस भेजा है।












