Home मऊ जिलाधिकारी की उपस्थिति में धान की फसल की क्रॉप कटिंग संपन्न

जिलाधिकारी की उपस्थिति में धान की फसल की क्रॉप कटिंग संपन्न

0 फसल की वास्तविक उत्पादकता का आकलन कर कृषि उत्पादन एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए संकलित किए गए महत्वपूर्ण आंकड़े।

मऊ।  जनपद में खरीफ की प्रमुख फसल धान की वास्तविक उत्पादकता का आकलन करने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी आनंद वर्धन सिंह की उपस्थिति में तहसील सदर के विकासखंड रतनपुरा अंतर्गत ग्राम पहसा मोहिउद्दीनपुर में क्रॉप कटिंग (फसल कटाई प्रयोग) की कार्रवाई संपन्न हुई। यह क्रॉप कटिंग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2026-27 मौसम के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चयनित खेत में संपन्न कराई गई। इस दौरान निर्धारित क्षेत्रफल में धान की फसल की कटाई, मड़ाई एवं प्राप्त उपज का वजन कर वास्तविक उत्पादकता का आकलन किया गया। क्रॉप कटिंग प्रयोग के दौरान P-1 प्लॉट में 27.890 किलोग्राम धान की उपज प्राप्त हुई, जिसके आधार पर प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 64.4259 कुंतल आंकी गई। संपूर्ण प्रक्रिया भारत सरकार द्वारा विकसित CCE Agri App के माध्यम से ऑनलाइन संपन्न कराई गई, जिससे फसल कटाई प्रयोग के आंकड़ों का पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से संकलन सुनिश्चित हुआ।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा फसल की कटाई, मड़ाई एवं उपज के वजन सहित विभिन्न चरणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में क्रॉप कटिंग का कार्य निर्धारित मानकों एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अनुरूप कराया जाए, ताकि प्राप्त आंकड़े वास्तविक एवं त्रुटिरहित हों। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन का सटीक आकलन शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।उल्लेखनीय है कि क्रॉप कटिंग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत निर्धारित क्षेत्रफल में खड़ी फसल की कटाई कर उससे प्राप्त अनाज का वजन किया जाता है। इसके आधार पर प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता निर्धारित की जाती है। क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग जनपद में कृषि उत्पादन के आकलन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्षतिपूर्ति के निर्धारण तथा कृषि संबंधी विभिन्न योजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन में किया जाता है।जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कृषि उत्पादन से संबंधित आंकड़ों का सही एवं समयबद्ध संकलन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। क्रॉप कटिंग के माध्यम से प्राप्त आंकड़े न केवल फसलों की उत्पादकता की वास्तविक स्थिति प्रस्तुत करते हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्य की योजनाएं तैयार करने में भी महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।
इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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