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उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता से करें निस्तारण, जनपद में निवेश को दें बढ़ावा -जिलाधिकारी

मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति, जल निकासी, आधारभूत सुविधाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण तथा उद्यमियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर बढ़ुआ गोदाम औद्योगिक क्षेत्र के दक्षिण-पश्चिम दिशा में साइफन निर्माण से उत्पन्न समस्याओं तथा ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 30 से 35 वर्ष पुराने नालों के पुनर्निर्माण एवं उच्चीकरण के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण तथा ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी प्रवीण मिश्रा के कारखाने में आगजनी की घटना के बाद आवश्यक कार्रवाई के विषय में भी चर्चा हुई।

निवेश मित्र पोर्टल पर विभिन्न विभागों को प्राप्त आवेदनों एवं उनके निस्तारण की समीक्षा के दौरान उद्यमी मित्र ने बताया कि कुल 345 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 239 का निस्तारण किया जा चुका है। विभागीय स्तर पर 60 आवेदन लंबित हैं, जबकि 39 आवेदन लाभार्थी स्तर पर लंबित हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को लंबित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनपद में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के संबंध में जिलाधिकारी ने उद्यमी मित्र को निर्देशित किया कि उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों एवं उद्यमियों से निरंतर समन्वय बनाए रखें तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि जनपद में अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हो सके।

बैठक में उद्यमी श्रीराम जायसवाल ने औद्योगिक क्षेत्र में नो-एंट्री के कारण बाहर से आने वाले वाहनों को पुलिस द्वारा रोके जाने की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि इससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। उद्यमियों ने गाजीपुर तिराहे स्थित औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत संबंधी समस्याओं से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने औद्योगिक क्षेत्र का सत्यापन कराकर आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
उद्यमियों ने जनपद की पहचान रहे साड़ी उद्योग में लगातार आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनपद की साड़ियों की बाहरी बाजारों में मांग कम हो रही है। इस दिशा में गंभीरता से विचार करते हुए साड़ियों की मांग तथा उनके मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारणों का विश्लेषण करने की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय साड़ी उद्योग को बढ़ावा दिया जा सके।

उद्यमियों ने बताया कि पर्याप्त प्रशिक्षण के अभाव में श्रमिकों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। उन्होंने कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को औद्योगिक इकाइयों से जोड़ने की मांग की। जिलाधिकारी ने आईटीआई के प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि संबंधित ट्रेड में अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित कर उन्हें औद्योगिक इकाइयों में अप्रेंटिसशिप के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उद्योगों को कुशल श्रमिक उपलब्ध हो सकें और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।
बैठक में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी), मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, एक जिला एक व्यंजन तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट रमेश बाबू, उपायुक्त उद्योग हरेंद्र प्रताप, लीड बैंक प्रबंधक पवन मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनपद के उद्यमी उपस्थित रहे।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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