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लखनौर के लाल भोला साहनी का टीजीटी सामाजिक विज्ञान में चयन, पांचवीं बार मिली सरकारी नौकरी

मऊ। जनपद के मधुबन तहसील के लखनौर गांव के लिए गर्व का क्षण है। गांव निवासी भोला साहनी पुत्र स्व. जंगबहादुर साहनी का उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी भर्ती परीक्षा में टीजीटी सामाजिक विज्ञान के पद पर चयन हुआ है। इस चयन के साथ ही भोला साहनी ने अपनी मेहनत और लगन का एक और मुकाम हासिल किया है।

यह उनकी पहली सफलता नहीं है। इससे पूर्व भी भोला साहनी का चयन रेलवे, बिहार टीजीटी, बिहार पीजीटी और उत्तर प्रदेश लेखपाल के पद पर हो चुका है। टीजीटी सामाजिक विज्ञान में यह उनकी पांचवीं सरकारी नौकरी है। एक ही व्यक्ति द्वारा लगातार पांच सरकारी नौकरियों में चयनित होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

भोला साहनी एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता स्व. जंगबहादुर साहनी ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। पिता के निधन के बाद भी भोला ने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य पर डटे रहे। उन्होंने कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास से यह सफलता प्राप्त की है।

भोला बताते हैं कि उन्होंने कभी भी असफलता से हार नहीं मानी। रेलवे में चयन होने के बाद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। बिहार में टीजीटी और पीजीटी में चयन के बाद भी उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनना था, जो आज पूरा हुआ। उत्तर प्रदेश लेखपाल में चयनित होने के बावजूद उन्होंने टीजीटी की तैयारी जारी रखी और अंततः सफलता प्राप्त की।

उनके चयन की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के युवाओं में उनके प्रति सम्मान और भी बढ़ गया है। कई युवा अब उनसे तैयारी के टिप्स ले रहे हैं

चयन की जानकारी मिलते ही बधाई देने वालों का तांता लग गया। अमित मिश्र, अभिनव सिंह और आशीष दुबे ने उनके घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भोला साहनी ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है और उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।

इस अवसर पर अमित मिश्र ने कहा कि भोला जैसे युवा ही देश का भविष्य हैं। उनकी लगन और मेहनत सभी के लिए अनुकरणीय है। अभिनव सिंह और आशीष दुबे ने भी उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

ग्रामीणों ने भी भोला साहनी को बधाई दी और कहा कि लखनौर गांव के इस लाल ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।

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