मऊ। जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र के बखरिया गांव निवासी किसान एवं मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले स्व. चंदेश्वर चौहान की बीमारी से मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही पत्नी के सामने बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी की चिंता थी। ऐसे मुश्किल समय में आकस्मिक निधन और बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग करने वाली फास्ट रिलीफ चैरिटेबल टीम (एफआरसीटी) परिवार का सहारा बनी है। संस्था की ओर से परिवार को करीब 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
एफआरसीटी के जिलाध्यक्ष आधीश सिंह के नेतृत्व में टीम के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को स्व. चंदेश्वर चौहान के घर पहुंचकर परिवार की स्थिति का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान सहयोग के लिए आवश्यक दस्तावेज भी प्राप्त किए गए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि 10 से 20 सितंबर तक टीम के सभी सदस्य 50-50 रुपये स्व. चंदेश्वर की पत्नी के बैंक खाते में भेजेंगे। सामूहिक सहयोग से परिवार को करीब 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्व. चंदेश्वर की पत्नी ने कहा कि पति की मौत के बाद बच्चों की जिम्मेदारी संभालना मुश्किल हो रहा था। संस्था से मिलने वाली आर्थिक मदद से बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी में काफी राहत मिलेगी। आर्थिक तंगी के बीच यह सहयोग परिवार के लिए बड़ा संबल है।
संस्था के संस्थापक महेंद्र वर्मा ने बताया कि एफआरसीटी अब तक 10 दिवंगत परिवारों को एक करोड़ 38 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे चुकी है। सह संस्थापक चंद्रशेखर सिंह और चरन सिंह कंवर ने बताया कि संस्था बेटियों की शादी में माता-पिता का सहारा बनने के साथ ही संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ी होती है। अब तक 133 बेटियों की शादी में एक करोड़ 81 लाख रुपये का सहयोग किया जा चुका है।
इस दौरान जिला महामंत्री डॉ. शांतिविजय सिंह, जिला संयुक्त मंत्री सुनील देव, जिला उपाध्यक्ष राजनाथ कुशवाहा, दोहरीघाट ब्लॉक अध्यक्ष दिवाकर राय, ब्लॉक उपाध्यक्ष अंबरीश सिंह, एफएम ब्लॉक उपाध्यक्ष सुधीश प्रजापति, जनपद मऊ के प्रथम लाभार्थी राजेश मल्ल के अलावा सक्रिय सदस्य संग्राम सिंह, रामकेश यादव, ईश्वरचंद्र गुप्ता, काशीनाथ यादव आदि मौजूद रहे।












