मऊ। जनपद मुख्यालय पर यूजीसी के नए नियमों और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में आगामी 11 सितंबर को होने वाले धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सवर्ण समाज एकजुट होता दिख रहा है। कार्यक्रम को लेकर गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में बुधवार को जनपद के मधुबन में सवर्ण समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष व क्षत्रिय समाज के जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने जनसंपर्क किया। उन्होंने लोगों से 11 सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचने की अपील की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
जनसंपर्क के दौरान देवेंद्र सिंह ने कहा कि जब संविधान बना था तब आरक्षण केवल 10 वर्षों के लिए लागू किया गया था, ताकि समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाया जा सके, लेकिन आज 75 साल बाद भी आरक्षण व्यवस्था ज्यों की त्यों बनी हुई है। इससे सवर्ण समाज के योग्य युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।
उन्होंने मांग किया कि आरक्षण जातिगत आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर लागू किया जाना चाहिए। गरीब चाहे किसी भी जाति का हो, उसे सरकार की मदद मिलनी चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
साथ ही उन्होंने यूजीसी के नए कानून में संशोधन की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए प्रावधानों से सवर्ण समाज के शिक्षकों और छात्रों के साथ भेदभाव हो रहा है। सरकार को इसमें तत्काल संशोधन करना चाहिए।
इस दौरान देवेंद्र सिंह ने आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण पर भी तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि कुछ नेता केवल जाति की राजनीति कर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। सवर्ण समाज अब जागरूक हो चुका है और अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो सवर्ण समाज अपने आंदोलन को और तेज करेगा। यह आंदोलन जिला मुख्यालय से शुरू होकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक जाएगा।
देवेंद्र सिंह ने बताया कि 11 सितंबर को जनपद मुख्यालय पर सवर्ण समाज द्वारा शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में यूजीसी कानून में संशोधन और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग प्रमुख होगी।
उन्होंने मधुबन तहसील के सभी सवर्ण समाज के लोगों से अपील किया कि वे अपने निजी मतभेद भुलाकर 11 सितंबर को एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाएं।
इस अवसर पर चीनी मिल घोसी के डायरेक्टर विजय शंकर सिंह, चन्द्रभूषण सिंह विद्यासागर सिंह पूर्व पूर्वांचल प्रचारक अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सहित सवर्ण समाज के लोग रहें।










