मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं आर्द्र भूमि समिति की मासिक समीक्षा बैठक कैंप कार्यालय स्थित सभागार में संपन्न हुई। बैठक में वृक्षारोपण, पौधों की जियो टैगिंग, पौधों के संरक्षण, नदी प्रदूषण की रोकथाम, अपशिष्ट प्रबंधन सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान डीएफओ श्री पीके पांडे ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष में जनपद में 34 लाख 29 हजार 400 से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। पौधों की जियो टैगिंग की समीक्षा में जनपद की प्रगति 93.25 प्रतिशत पाई गई।
जियो टैगिंग में जल निगम ग्रामीण की प्रगति मात्र 0.22 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक अभियंता जल निगम ग्रामीण को चेतावनी दी तथा एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत जियो टैगिंग पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग की जियो टैगिंग मात्र 5 प्रतिशत पाए जाने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभाग को निर्धारित अवधि में शत-प्रतिशत जियो टैगिंग पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा में उद्योग विभाग की जियो टैगिंग 35 प्रतिशत, पशुपालन विभाग की 38 प्रतिशत, प्राविधिक शिक्षा की 40.53 प्रतिशत, माध्यमिक शिक्षा विभाग की 51.16 प्रतिशत तथा गृह विभाग की 62.53 प्रतिशत पाई गई। लोक निर्माण विभाग, उद्यान विभाग, सहकारिता विभाग एवं नगर विकास विभाग द्वारा भी शत-प्रतिशत जियो टैगिंग नहीं की गई थी, हालांकि इन विभागों की प्रगति 80 प्रतिशत से अधिक रही। जिलाधिकारी ने शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 तथा 2024-25 में कराए गए वृक्षारोपण के पूर्णता प्रमाण पत्र यथाशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने से पूर्व संबंधित वर्षों में लगाए गए पौधों का स्थल सत्यापन अवश्य किया जाए। जो पौधे जीवित नहीं हैं, उनके स्थान पर वन विभाग द्वारा बड़े पौधों का रोपण कराए जाने के बाद ही पूर्णता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर पूर्णता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगाए गए पौधों का भी पूर्णता प्रमाण पत्र तैयार कराने को कहा।
पौधों के संरक्षण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आवश्यकतानुसार पौधों की सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जहां पौधों के चारों ओर थालों का निर्माण नहीं हुआ है अथवा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां मूंज की घास से पौधों को बांधकर पशुओं से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी को नदी किनारे बसे गांवों से किसी भी प्रकार का अपशिष्ट नदी में न जाने देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नदी किनारे स्थित सभी ग्रामों में आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने को कहा।
प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि नदी किनारे बसे कुल 45 गांवों में आरआरसी क्रियाशील हैं, जबकि 12 गांवों में इन्हें क्रियाशील किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को सभी संबंधित गांवों में आरआरसी की क्रियाशीलता सुनिश्चित कराने तथा ग्राम सचिवों से इसकी क्रियाशीलता का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जल निगम शहरी को निर्देशित किया कि नगरीय क्षेत्र का अपशिष्ट नालों के माध्यम से नदियों में न पहुंचे, इसके लिए नदी किनारे एसटीपी निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है तो निजी भूमि स्वामियों से वार्ता कर भूमि क्रय करते हुए एसटीपी का निर्माण कराया जाए।
नगर विकास विभाग को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यथासंभव प्राकृतिक विधियों से जल को शुद्ध करने के बाद ही उसे नदी में प्रवाहित किया जाए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को गंगा ग्रामों में समितियों की बैठक आयोजित कर नदी प्रदूषण की रोकथाम के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक करने तथा ग्राम पंचायतों के सरकारी भवनों पर आवश्यकतानुसार जागरूकता पेंटिंग एवं पंपलेट वितरण कराने के निर्देश दिए।
जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने इसके प्रभावी एवं सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी एवं निजी अस्पतालों में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट तथा चिकित्सा उपकरणों से निकलने वाले अपशिष्ट के निस्तारण की प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए तथा नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव, डीएफओ श्री पीके पांडे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री संतोष कुमार उपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षक श्री गौतम प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।












