मऊ।जनपद मधुबन तहसील क्षेत्र के गंगऊपुर गांव से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़क पर पिछले कई वर्षों से नाबदान का गंदा पानी बह रहा है। इस सड़क से रोजाना एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग आवागमन करते हैं। जलभराव और बदबू के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बार-बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और इसे वोट की राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
गंगऊपुर से निकलने वाली यह सड़क गंगऊपुर, सुवाह, भठिया, खरगीपुर,लोकया, सुग्गीचौरी और आसपास के कई गांवों को मधुबन बाजार और तहसील से जोड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज, किसान और दैनिक काम से जाने वाले लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं। बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। आधे फीट तक पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। दोपहिया वाहन फिसलकर गिरते हैं। पैदल चलना तो दूर, चार पहिया वाहन भी निकलने से कतराते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गंदे पानी के कारण पूरे इलाके में मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। डायरिया, त्वचा रोग और बुखार के मामले हर साल बढ़ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल के बच्चों और बुजुर्गों को होती है।
राधेश्याम राय, हरि चौहान, रोहित राज, आनंद मोहन आदि ने कहा कि हमने कई बार ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और ब्लॉक में लिखित शिकायत दी। वीडियो भी बनाकर भेजा। हर बार आश्वासन मिलता है, जल्द काम होगा। लेकिन साल बीत गए, कुछ नहीं हुआ।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सीधे ग्राम प्रधान पर निशाना साधा। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। वोट लेने के बाद कोई सुध लेने नहीं आता। एक ग्रामीण ने कहा कि यह वोट की राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है। जब तक वोट चाहिए तब तक नेता पैर छूते हैं, काम निकलने के बाद फोन भी नहीं उठाते।
इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी फतहपुर मंडाव अनिल कुशवाहा का कहना है कि नाली निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। फंड आते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। वहीं लोक निर्माण विभाग के जेई ने कहा कि सड़क उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, यह ग्रामीण सड़क ग्रामीण सड़क है। इस अवसर पर विजय प्रताप ,सोनू, मुकुर्जी लाल ,आशीष साहनी ,आरिफ अहमद, जीतू राजभर आदि।










