मऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा की निधि से मधुबन क्षेत्र के जजौली और परसूरामपुर गांव को जोड़ने के लिए चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य में मानकों की अनदेखी का आरोप लगा है। लगभग 23 लाख रुपये की लागत से हो रहे इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गांव के लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंत्री ए.के. शर्मा को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
जजौली और परसूरामपुर दो गांवों के बीच वर्षों से कच्चा रास्ता था। बरसात में कीचड़ और आवागमन की दिक्कत को देखते हुए मंत्री ए.के. शर्मा की निधि से यहां इंटरलॉकिंग सड़क स्वीकृत की गई है। कार्य की लागत करीब 23 लाख रुपये बताई जा रही है। ठेकेदार द्वारा कुछ दिन पहले ही काम शुरू किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि काम शुरू होने के साथ ही सामग्री और निर्माण प्रक्रिया में लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि इंटरलॉकिंग के नीचे बेस तैयार करने में गिट्टी और बालू की तय मोटाई नहीं रखी जा रही। पुरानी मिट्टी को हटाए बिना ही ऊपर से इंटरलॉक टाइलें बिछाई जा रही हैं। साथ ही सीमेंट और रेत के मिश्रण का अनुपात भी मानक के अनुसार नहीं है।
Author Profile
- प्रधान सम्पादक
Latest entries
मऊNovember 6, 2026एसडीएम मधुबन के निर्देश पर अवैध मिट्टी खनन पर बड़ी कार्रवाई: संयुक्त टीम ने 03 ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़कर की सीज
मऊNovember 6, 2026धनतेरस पर झुमकर लोगों ने किया खरीददारी
मऊNovember 6, 2026जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड घोसी के प्रबंध समिति की बैठक संपन्न
मऊNovember 6, 2026फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने हेतु प्रचार वाहन रवाना











