मऊ।उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की प्रस्तावित आवासीय योजना के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को घोसी के सांसद राजीव राय ने प्रभावित किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार तथा प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति के बिना उनकी जमीन का अधिग्रहण किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
सांसद ने कहा कि सरकार आवास विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन कम कीमत पर लेकर रियल एस्टेट का कारोबार करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं और अब किसानों की जमीन भी छीनी जा रही है।
उन्होंने कहा, “अगर प्रशासन जबरदस्ती जमीन पर कब्जा करना चाहता है तो वह हमारी लाश पर ही कब्जा कर पाएगा। मिलिट्री बुला लें, पुलिस बुला लें या फौज बुला लें, लेकिन किसानों की जमीन जबरन नहीं लेने देंगे। यह अंग्रेजों का राज नहीं है।”
राजीव राय ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उनके संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा और संसद में भी आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो किसानों के साथ आमरण अनशन और भूख हड़ताल भी की जाएगी।
बैठक के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि उनसे कम दर पर रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया जा रहा है और बाद में मुआवजा बढ़ाने का आश्वासन दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी बेशकीमती कृषि भूमि को व्यावसायिक उद्देश्य से अधिग्रहित किया जा रहा है, जिसका वे लगातार विरोध करेंगे।
सांसद ने अंत में कहा, “आप लोग अकेले नहीं हैं। समाजवादी पार्टी तन, मन और धन से किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी।”
इस दौरान बड़ी संख्या में प्रभावित किसान मौजूद रहे और उन्होंने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने का संकल्प दोहराया।










