0 खराब प्रदर्शन एवं बैठक में अनुपस्थिति पर 5 अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के दिए निर्देश।*
0 पीएम स्वनिधि योजना में 1200 से ज्यादा आवेदन लंबित,बैंकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई दी चेतावनी।*
मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड आधारित राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली, प्रवर्तन कार्यों एवं सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व संबंधी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जून माह में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष व्यापार कर विभाग की 57.50 प्रतिशत, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन की 83.78 प्रतिशत, परिवहन विभाग की 93.86 प्रतिशत, आबकारी विभाग की 95.98 प्रतिशत, खनन विभाग की 47.56 प्रतिशत, विद्युत देय की 54.66 प्रतिशत, चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य की 88.10 प्रतिशत तथा स्थानीय निकायों की 97.25 प्रतिशत वसूली पाई गई।
व्यापार कर, खनन एवं विद्युत देय विभाग की अपेक्षाकृत कम वसूली पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से खनन विभाग में मई माह की तुलना में जून माह में कम वसूली पाए जाने पर उन्होंने खान निरीक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए अवैध खनन के विरुद्ध सघन अभियान चलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस विभाग का सहयोग लेकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एआरटीओ को बिना नंबर प्लेट वाले ट्रकों एवं अन्य वाहनों पर विशेष निगरानी रखने, घिसी-पिटी अथवा बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम डैशबोर्ड पर आधारित राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान नगर विकास एवं गरीबी उन्मूलन विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में 1200 से अधिक आवेदन बैंकों में लंबित पाए जाने के कारण विभाग को ‘सी’ ग्रेड प्राप्त हुआ। इस पर जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को कड़ी चेतावनी देते हुए अगले तीन दिनों के भीतर अधिकतम लंबित आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग के अंश संशोधन एवं आरसीसीएमएस डैशबोर्ड में ‘बी’ ग्रेड तथा धारा-116 (कुरा/बंटवारा) के मामलों में ‘सी’ ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय में प्रगति न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार धारा-98, धारा-24 तथा निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त होने पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भू-आवंटन, वसूली प्रमाण पत्र तथा स्वामित्व डैशबोर्ड में ‘सी’ ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार लाने की चेतावनी दी। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन तथा आईजीआरएस में ‘बी’ ग्रेड मिलने पर उन्होंने सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गत माह 37 संदर्भ डिफाल्टर हो गए थे। इस पर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय पहुंचने के उपरांत सर्वप्रथम लंबित संदर्भों की समीक्षा करें तथा उनका समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान कृषि उपनिदेशक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम (शहरी) तथा जिला गन्ना अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। अधिक संख्या में लंबित आवेदनों के कारण मंडी सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा मंडियों से अवैध कब्जे तत्काल हटाने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। इस कार्य में आवश्यकतानुसार उप जिलाधिकारियों का सहयोग लेने को भी कहा।
आईजीआरएस में असंतुष्ट फीडबैक की अधिक संख्या के कारण जनपद की रैंकिंग प्रभावित होने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण से पूर्व संबंधित आख्या का भलीभांति परीक्षण किया जाए तथा शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर संतोषजनक फीडबैक प्राप्त करने का विशेष प्रयास किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उद्यमियों से संबंधित प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए उनके आवेदनों एवं शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा, जिससे जनपद में उद्योग एवं निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके।
उन्होंने राजस्व वसूली वाले विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली बढ़ाने तथा प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाकर राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आबकारी, खनन एवं परिवहन विभाग को विशेष अभियान चलाने तथा उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र समय से जारी करने तथा भू-आवंटन के कार्यों में तेजी लाकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार तथा जनपद एवं तहसील स्तर के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।










