
मऊ। पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बने मऊ स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर से जुड़े विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो गया है। मंदिर परिसर में स्थापित माता की मूर्ति को हटाए जाने की आशंकाओं के बीच श्रद्धालुओं और हिंदू समाज में चिंता का माहौल था। अब मंदिर प्रबंधन समिति ने उच्च अधिकारियों को लिखित आश्वासन दिया है कि माता की मूर्ति अपने वर्तमान स्थान पर ही स्थापित रहेगी और उसे नहीं हटाया जाएगा।
इस निर्णय के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक मूर्ति का विषय नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा मामला है। सभी पक्षों ने आपसी संवाद, कानून और सौहार्द के साथ विवाद का समाधान निकालकर सामाजिक एकता का संदेश दिया है।
इस पूरे प्रकरण में बीएसएस परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत कुमार पांडेय, जिला अध्यक्ष मुनेंद्र कुमार मिश्रा तथा मंदिर के पुजारी दीपक महाराज की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण रही। तीनों ने प्रशासन, मंदिर प्रबंधन समिति और संबंधित पक्षों से लगातार संवाद कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कराने का प्रयास किया। उनकी पहल के बाद माता की मूर्ति को यथास्थान बनाए रखने पर सहमति बनी।
प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत कुमार पांडेय ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों का समाधान हमेशा आपसी संवाद, कानून और सामाजिक सौहार्द के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि माता रानी में आस्था रखने वाले सभी श्रद्धालुओं की जीत है।
जिला अध्यक्ष मुनेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि समाज की एकजुटता और धैर्य ने इस मामले को सही दिशा दी। वहीं मंदिर के पुजारी दीपक महाराज ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माता रानी की कृपा और सभी लोगों के सहयोग से यह सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा प्रशासन को लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद विवाद समाप्त माना जा रहा है। मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य हो गई है और बड़ी संख्या में लोग माता सीतला के दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी धार्मिक एवं सामाजिक मामलों का समाधान इसी प्रकार संवाद, कानून और आपसी सहयोग के माध्यम से किया जाएगा।









