0 खेतों में अधिक मात्रा में गोबर की खाद एवं जैविक संसाधनों का करें उपयोग
मऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष एवं प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं जन जागरूकता अभियान तथा कृषि सूचना तंत्र सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जनपद में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, खरीफ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने तथा प्राकृतिक एवं उन्नतशील खेती के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों से किसानों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त होगी तथा उनकी आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय महामंत्री गोरखपुर सुनील गुप्ता ने कहा कि पूर्व समय में किसान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाते थे, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति एवं पर्यावरण संतुलन बना रहता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से खेती एवं मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. हर्षवर्धन सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि यूरिया एवं डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं आवश्यकतानुसार ही प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने खेतों में अधिक मात्रा में गोबर की खाद एवं जैविक संसाधनों के उपयोग पर बल देते हुए बताया कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है तथा फसलों की उत्पादकता भी बढ़ती है।
कार्यक्रम के दौरान कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन मुख्य विकास अधिकारी श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय एवं अन्य उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को किसानों को योजनाओं एवं तकनीकी जानकारी का अधिकाधिक लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में उपनिदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता, वैज्ञानिकगण, जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा सरकार की विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।












