मऊ। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को मधुबन तहसील बार एसोसिएशन ने अपना जोरदार विरोध जताया। एसडीएम मधुबन सत्यप्रकाश के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं और स्टाम्प विक्रेताओं ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से बड़ी संख्या में अधिवक्ता, मुंशी तथा स्टाम्प विक्रेता बेरोजगार हो जाएंगे और आम जनता को भी विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
तहसील बार एसोसिएशन मधुबन के मंत्री अविनाश कुमार मल्ल का कहना था कि
महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आदेश के तहत ई-पंजीकरण मॉड्यूल के प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी की जा रही है। यदि सम्पूर्ण रजिस्ट्री प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाती है तो पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट, सर्वर और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण दस्तावेजों का समयबद्ध निस्तारण संभव नहीं हो सकेगा। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और रजिस्ट्री कार्य में बाधा उत्पन्न होगी।
बार एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि ई-रजिस्ट्री संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए अथवा इस पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि अधिवक्ताओं, स्टाम्प विक्रेताओं और आम जनता के हित सुरक्षित रह सके।
ज्ञापन देने वालों में मधुबन तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद कुमार त्रिपाठी, सुरेंद्रनाथ यादव, रामाश्रय यादव, सत्य प्रकाश सिंह,योगेश कुमार चतुर्वेदी, शाह मोहम्मद अहमद, सुधांशु कुमार गौतम, हरिहर यादव, जितेंद्र यादव, वजीर शांति रक्षक, राणा प्रताप सिंह, इंद्र भूषण दुबे, तारिक जमील, रासबिहारी सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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