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जाति प्रमाणपत्र नहीं तो वोट नहीं ,तुरहा समाज ने किया प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा मांग पत्र

मधुबन, मऊ। तहसील क्षेत्र में तुरैहा समाज के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। पूरे उत्तर प्रदेश में तुरैहा समाज का जाति प्रमाण पत्र बन रहा है, लेकिन मधुबन तहसील में इसे बनाने से मना कर दिया जा रहा है और आवेदनों को वापस कर दिया जा रहा है। इससे तुरैहा समाज के बच्चे सरकारी सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं और उनका भविष्य खराब हो रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर अखिल भारतीय पंचायत परिषद और घोसी नवनिर्माण मंच ने के तत्वावधान में मधुबन तहसील पर समाज के लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। तथा उपजिलाधिकारी दीपक कुमार सिंह के क्षेत्र मे होने के कारण तहसीलदार अशोक कुमार कुशवाहा को ज्ञापन सौंपकर तुरैहा समाज का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आदेश जारी करने की मांग की है।
अखिल भारतीय पंचायत परिषद के मीडिया सलाहकार बद्री नाथ ने कहा कि हम तुरैहा जाति उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति क्रम संख्या-66 में दर्ज है। पूरे उत्तर प्रदेश में तुरैहा समाज का जाति प्रमाण पत्र बन रहा है, लेकिन मऊ जिले में नहीं बन रहा है, जिससे हमारे समाज के बच्चों को काफी समस्या हो रही है। कहां कि जाति प्रमाण पत्र के कारण पढ़-लिख कर जाति की सुविधाओं से वंचित हैं, जिससे तुरैहा समाज के बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। जाति प्रमाण पत्र न बनने के कारण बच्चे छात्रवृत्ति, छात्रावास, सरकारी नौकरियों में आरक्षण, प्रवेश परीक्षा में छूट और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
कई बच्चों ने पढ़ाई के लिए जाति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन किया, लेकिन तहसील से उनका आवेदन वापस कर दिया गया। इससे बच्चे निराश हैं और अभिभावक परेशान हैं। समाज के लोगों का कहना है कि जब हमारी जाति अनुसूचित जाति की सूची में शामिल है तो फिर हमारा प्रमाण पत्र क्यों नहीं बनाया जा रहा है। यह हमारा मौलिक अधिकार है।
प्रदर्शन कारियों ने कहा है कि हम लोग मधुबन तहसील में जाति प्रमाण पत्र बनवाने जाते हैं तो हमको वहां से वापस कर दिया जाता है। जिला बलिया, देवरिया और अन्य जिलों में तुरैहा समाज का जाति प्रमाण पत्र बन रहा है, जिसका सबूत भी संलग्न किया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया है कि जब पड़ोसी जिलों बलिया और देवरिया में तुरैहा समाज का जाति प्रमाण पत्र बन सकता है तो मधुबन तहसील में क्यों नहीं बन सकता? यह दोहरा मापदंड समाज के साथ अन्याय है। तुरैहा समाज का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आदेशित करें, जो कि हमारा मौलिक अधिकार है। समाज के लोगों ने मांग की है कि उपजिलाधिकारी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और तहसील के अधिकारियों को तुरैहा समाज का जाति प्रमाण पत्र बनाने का स्पष्ट आदेश जारी करें, ताकि बच्चों को उनका हक मिल सके और उनका भविष्य बच सके। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपने अधिकार को पाने के लिए है। इस अवसर पर दिनेश तुरहा, धर्मेंद्र, कतवारू,हरिंद्र ,विनोद, छोटेलाल,  शंकर, रेश्मा देवी ,पूनम देवी ,आशा,रागिनी ,गुडिया ,निर्मला आदि रहें।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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