मऊ। जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा लोकया के पुरवा मझौवा में खलिहान की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस भूमि पर अवैध निर्माण को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे, बावजूद इसके बेखौफ अतिक्रमणकारियों ने निर्माण कार्य जारी रखा है।
मामला तब और गंभीर हो गया जब शिकायत के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। अंततः यूपी 112 की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद निर्माण कार्य को रोका जा सका। इस पूरे प्रकरण ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम सभा लोकया के पुरवा मझौवा में गाटा संख्या 530 खलिहान के खाते की भूमि लंबे समय से गांव के सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित है। लेकिन कुछ लोगों ने उस पर अवैध रूप से कब्जा कर पक्का निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत तहसील से लेकर जिलाधिकारी तक से की है।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अतिक्रमण रोकने का निर्देश दिया था। लेकिन आरोप है कि तहसील स्तर पर इस आदेश का अनुपालन नहीं हुआ और लेखपाल-कानूनगो की लापरवाही के चलते अतिक्रमणकारी बेखौफ होकर निर्माण करते रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि जब लगातार निर्माण चलता रहा तो उन्होंने यूपी 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया। टीम ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की हिदायत ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तहसील प्रशासन ने डीएम के आदेश का पालन किया होता तो यह नौबत ही नहीं आती। अब ग्रामीणों में आक्रोश है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है और जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।
इस घटना के बाद तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खलिहान, चारागाह और तालाब जैसी सार्वजनिक भूमियों पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। कई बार शिकायत करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिलता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि खलिहान की भूमि को तत्काल सुरक्षित किया जाए, अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत न कर सके।
फिलहाल निर्माण कार्य तो रुक गया है, लेकिन ग्रामीणों को डर है कि प्रशासन के हटते ही फिर से निर्माण शुरू हो जाएगा। लोगों ने जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर मामलें का समाधान कराने की मांग किया है।










