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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पूर्व मंत्री स्व. पं. रामबिलास पाण्डेय की 15वीं पुण्यतिथि 8 नवंबर को, घोसी में होगा श्रद्धांजलि कार्यक्रम और सुंदरकांड पाठ

घोसी,मऊ।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी, पूर्व मंत्री स्व. पंडित रामबिलास पाण्डेय की 15वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर 8 नवंबर दिन रविवार को घोसी स्थित उनके निवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम का संयोजन और निवेदन उनके सुपुत्र रमेश चन्द्र पाण्डेय द्वारा किया गया है।

स्व. पाण्डेय का जन्म 01 जुलाई 1918 को हुआ था और 08 नवंबर 2011 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी। वे न केवल एक स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि आजाद भारत में मंत्री के रूप में भी उन्होंने समाज की सेवा की। उनकी पुण्यतिथि पर हर साल की तरह इस बार भी उनके अनुयायी, परिवारजन और क्षेत्र के लोग उन्हें नमन करने जुटेंगे। पुण्यतिथि कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 07 बजे से सुंदर काण्ड पाठ के साथ होगी। इसके बाद श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्व. पंडित जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला जाएगा।

स्व. पंडित जी ने कहां था_”आजादी आसानी से नहीं मिली है। बहनों के सिंदूर धुले हैं। चूड़ियां टूटी हैं। माताओं की गोदें खाली हुई हैं। नौजवानों ने सीने पर गोलियां खाई हैं। फाँसी के फन्दे चूमे हैं। पांच पौंड की बेड़ियां पहनी हैं। मकान जले हैं। बड़ी तबाही और कुर्बानी से देश आजाद हुआ है। लोग समझते हैं कि आसानी से आज़ादी मिल गई।”_

उनकी ये पंक्तियां बताती हैं कि देश की आजादी के लिए कितनी बड़ी कुर्बानियां दी गई थीं और हमें उस आजादी की कीमत समझनी चाहिए। स्व. पाण्डेय जी स्वयं उस दौर के साक्षी थे, जब देश गुलामी की बेड़ियों से जकड़ा था।

स्व. पंडित रामबिलास पाण्डेय घोसी-मधुबन क्षेत्र के एक सम्मानित और जनप्रिय नेता थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और कई बार जेल भी गए थे। आजादी के बाद उन्होंने मंत्री पद पर रहते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई कार्य किए। उनके निधन के 15 साल बाद भी लोग उन्हें याद करते हैं।

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिले के कई स्वतंत्रता सेनानी परिवार, राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम जन के पहुंचने की उम्मीद है।

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पवन कुमार पाण्डेय
पवन कुमार पाण्डेय
प्रधान सम्पादक

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