मधुबन, मऊ। PP खोजी खबर के बैनर तले आयोजित लोकप्रिय कार्यक्रम *”आपके मुद्दे, आपकी राय” के तहत इस बार टीम मधुबन विधानसभा के सबसे पिछड़े और संवेदनशील क्षेत्र देवरांचल स्थित राजू चौक पहुंची। यहां आयोजित जन चौपाल में राजू चौक की जनता ने बेबाकी के साथ अपनी समस्याएं, दर्द और उम्मीदें कैमरे के सामने रखीं। लोगों का कहना था कि आज तक उनकी सुध लेने कोई नहीं आया, PP खोजी खबर ने पहली बार उन्हें अपनी बात कहने का मंच दिया।
0 20 साल बाद बना भैरोपुर से राजू चौक तक रोड, विधायक को दिया धन्यवाद…
चौपाल में मौजूद बुजुर्गों और युवाओं ने सबसे पहले सड़क का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि भैरोपुर से राजू चौक तक की सड़क पिछले 20 सालों से जर्जर थी, गड्ढों में तब्दील हो चुकी थी। इस बार भाजपा विधायक रामविलास चौहान की पहल पर इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा है, जिससे पूरे देवरांचल में खुशी है। जनता ने इसके लिए विधायक का आभार भी जताया।
लेकिन साथ ही लोगों ने एक गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क तो बन रही है, लेकिन दोनों तरफ पटरियों (शोल्डर) का निर्माण नहीं किया जा रहा है। सड़क संकरी होने और पटरियों के अभाव में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बाइक सवार, साइकिल सवार और पैदल चलने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने मांग की कि सड़क के साथ-साथ दोनों तरफ मिट्टी भरकर मजबूत पटरी बनाई जाए, ताकि हादसों पर लगाम लग सके।
0 सरकारी योजनाएं पहुंचीं, लेकिन बिचौलियों और अधिकारियों के भेदभाव से गरीब वंचित…
देवरांचल की जनता ने दूसरा सबसे बड़ा आरोप सरकारी योजनाओं में भेदभाव का लगाया। लोगों ने कहा कि सरकार की योजनाएं तो देवारा क्षेत्र में पहुंची हैं, चाहे वह आवास योजना हो, शौचालय, राशन या किसान सम्मान निधि। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधिकारियों और बिचौलियों के भेदभाव और मिलीभगत के चलते वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। सबसे बड़ा आरोप बाढ़ से नुकसान फसलों के क्षति का रहा।
0 स्वास्थ्य, शिक्षा,सड़क व पेयजल आज भी सबसे बड़ी चुनौती…
ग्रामीणों ने कहा कि देवरांचल में आज भी चार बुनियादी चीजों – स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पेयजल पर बहुत काम करने की जरूरत है। स्वास्थ्य के लिए कोई स्थायी अस्पताल नहीं है, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दूर है। रात-बिरात में किसी के बीमार पड़ने पर उसे चारपाई पर लादकर या नाव से ले जाना पड़ता है। शिक्षा के लिए विद्यालय तो हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी है। देवरांचल में उच्च शिक्षा के लिए कोई भी विद्यालय नहीं है ।वहीं, पीने के साफ पानी की भी किल्लत बनी हुई है।
0 जंगली गायों ने छीनी किसानों की नींद, कटान से हर साल 30-40 बीघा जमीन घाघरा में समा रही…
चौपाल में सबसे दर्दनाक मुद्दा किसानों का था। किसानों ने बताया कि हर साल जंगली और आवारा गायों के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। दिन भर खेत में मेहनत करो और रात भर जान जोखिम में डालकर लाठी लेकर खेत की रखवाली करनी पड़ती है। जंगली गायें हमला भी कर देती हैं। किसानों ने सरकार से मांग की कि देवरांचल के किसानों को जंगली गायों से सुरक्षित किया जाए, गौशालाओं की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
इसके साथ ही घाघरा नदी के कटान का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर संवेदनहीनता बरतने का आरोप लगाया। कहा कि विभाग सिर्फ खानापूर्ति करता है, बांस-बल्ली लगाकर चला जाता है। हर साल 30 से 40 बीघा खेती योग्य उपजाऊ भूमि घाघरा नदी में समा जाती है। आज तक सरकार इसका स्थायी समाधान नहीं करा सकी। लोगों ने मांग की कि कटान रोकने के लिए बोल्डर पिचिंग और पक्का तटबंध बनाया जाए, ताकि उनकी आने वाली पीढ़ी की जमीन बच सके।
कुल मिलाकर PP खोजी खबर की इस चौपाल ने देवरांचल के उन मुद्दों को सामने ला दिया, जो अब तक अनसुने थे। जनता इसका स्थायी समाधान चाहती है।
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- प्रधान सम्पादक
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