0 विभिन्न कार्यों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई करने के दिए निर्देश।
मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय स्थित सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में पोषण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की पैरामीटरवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन वाले संकेतकों में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। कई पैरामीटर में आंकड़े संदिग्ध पाए जाने पर उन्होंने समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को आंकड़ों का गहन अध्ययन कर वास्तविक एवं सही रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा।
सैम बच्चों के चिन्हीकरण में वृद्धि करने तथा चिन्हित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सितंबर माह में बड़रांव, फतेहपुर मंडाव एवं मोहम्मदाबाद गोहना विकासखंड से एक भी बच्चे को एनआरसी में भर्ती न कराए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित सीडीपीओ को कड़ी चेतावनी देते हुए शीघ्र प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चौथी प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि में सुधार लाने के साथ ही नवीनतम एएनसी के अनुसार इष्टतम वजन प्राप्त करने वाली गर्भवती महिलाओं के प्रतिशत में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी सीडीपीओ को आगामी दो-तीन माह में इसमें उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए। टीएचआर प्राप्त करने वाली गर्भवती महिलाओं के प्रतिशत में रानीपुर एवं फतेहपुर मंडाव की स्थिति की विशेष समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
0 से 6 माह के बच्चों के वजन किए जाने की स्थिति की समीक्षा में सबसे कम मोहम्मदाबाद गोहाना 88.66 प्रतिशत उपलब्धि पाई गई। जिलाधिकारी ने संबंधित सीडीपीओ को खराब प्रदर्शन करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
पोषण ट्रैकर पर चिन्हित सैम बच्चों के ई-कवच पर पंजीकरण के आंकड़ों में भी संदिग्धता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने फीडिंग व्यवस्था में सुधार तथा आवश्यकता पड़ने पर विभागीय स्तर पर पत्राचार करने के निर्देश दिए। विगत माह चिन्हित सैम बच्चों के सुधार की शत-प्रतिशत उपलब्धि के आंकड़े पर भी उन्होंने संदेह व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा सभी चिन्हित सैम बच्चों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा सके।
टीएचआर वितरण की समीक्षा में जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को लाभार्थियों को शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत द्वितीय प्रसव में बालिका जन्म के आधार पर पंजीकरण की कम उपलब्धि पर भी उन्होंने सभी सीडीपीओ को पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए। कम फार्म प्राप्त होने एवं अपलोडिंग में खराब प्रदर्शन वाले सीडीपीओ को चिन्हित कर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक सीडीपीओ को कम से कम 10 निरीक्षण करने, निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा बंद पाए जाने वाले केंद्रों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निरीक्षण का प्रभाव आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में दिखाई देना चाहिए।
9 सितंबर 2026 से प्रारंभ राष्ट्रीय पोषण माह की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने थीम आधारित गतिविधियों का साप्ताहिक शेड्यूल तैयार कर प्रभावी ढंग से कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को बेहतर कार्ययोजना तैयार कर अभियान के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल व्यवस्था की समीक्षा में छह ग्राम पंचायतों में अभी तक व्यवस्था पूर्ण न होने पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबंधित ग्राम पंचायतों की सूची जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल पेंटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं पोषण वाटिका के कार्यों को भी संबंधित खंड विकास अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि 129 केंद्रों के सापेक्ष 79 केंद्रों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा 18 केंद्र फिनिशिंग स्तर पर हैं। जिलाधिकारी ने फिनिशिंग के कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। भुगतान संबंधी गड़बड़ियों को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी को संबंधित सूची उपलब्ध कराने तथा सत्यापन के उपरांत भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष 2024-25 के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों में फिनिशिंग स्तर के 26 कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को पोषण कार्यक्रमों की नियमित निगरानी, वास्तविक आंकड़ों की रिपोर्टिंग तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव सहित जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त सीडीपीओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।












