

मऊ। जनपद के मधुबन में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मधुबन तहसील क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बिन्टोलिया जरलाहवा मार्ग पर पानी चढ़ गया है, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है और आवागमन में भारी दुश्वारियां हो रही हैं।
घाघरा नदी खतरे के निशान के कबीर बह रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण विन्टोलिया, जरलहवा मार्ग पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों और रोजमर्रा के काम के लिए बाहर जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
0 पशुपालकों के सामने चारे का संकट…
बाढ़ के कारण खेतों में पानी भर जाने से हरे चारे की भारी कमी हो गई है। पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। कई जगहों पर पशुओं को ऊंचे स्थानों पर बांधा गया है। पशुपालकों ने प्रशासन से चारे की व्यवस्था करने की मांग की है।
0 प्रशासन अलर्ट मोड पर, जिलाधिकारी ने किया दौरा…
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर है।उप जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तथा आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया और वहां तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने को कहा।
उपजिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को बंधों की लगातार निगरानी करने, राजस्व विभाग को बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने और पशु विभाग को चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं और मेडिकल टीमों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम मधुबन दीपक कुमार सिंह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था कर दी गई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।












