मऊ। जनपद के मधुबन एवं दोहरीघाट क्षेत्र की लंबे समय से लंबित जनहित की समस्याओं और विकास की आवश्यकताओं को लेकर सोमवार को मधुबन तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन और जम कर नारेबाजी हुई।
समाजवादी जन परिषद एवं विद्यार्थी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित मांग-पत्र उपजिलाधिकारी मधुबन के माध्यम से भेजा।
ज्ञापन में क्षेत्र के विकास के लिए चार प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। इनमें मधुबन क्षेत्र में स्थायी सरकारी सब्जी मंडी की स्थापना, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिपाह इब्राहिमाबाद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के रूप में उच्चीकृत करने, दोहरीघाट ब्लॉक क्षेत्र दोहरीघाट व सूरजपुर में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना तथा दोहरीघाट-मधुबन-बेल्थरा रोड रेलमार्ग का निर्माण प्रमुख हैं।
इसके साथ ही तहसील में भ्रष्टाचार जैसे किसानों के खेतों की पैमाइश के नाम पर राजस्व निरीक्षकों द्वारा मोटी रकम की वसूली, खतौनी में नाम गलत होने और उसे ठीक करने के नाम पर पैसे की मांग तथा फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर समय से कार्यवाही न होने जैसे मुद्दों को लेकर भी 10 सूत्रीय मांग पत्र जिला अधिकारी मधुबन के नाम सौंपा गया।
इस अवसर पर विद्यार्थी युवजन सभा के संयोजक शैलेश कुमार मोनू ने कहा कि मधुबन क्षेत्र में किसानों और सब्जी उत्पादकों की संख्या पर्याप्त होने के बावजूद स्थायी सरकारी सब्जी मंडी का अभाव है। मंडी बनने से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
समाजवादी जन परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमा मौर्य ने कहा कि सिपाह इब्राहिमाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर जाना पड़ता है। इसलिए सिपाह इब्राहिमाबाद के नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत कर चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, जांच की मशीनें, प्रसव, दवा तथा 24 घंटे आकस्मिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।अफलातून राष्ट्रीय सचिव समाजवादी जन परिषद ने कहा कि दोहरीघाट क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना होने से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं
किसान मजदूर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
राम छबीला साहनी ने कहा कि दोहरीघाट से मधुबन होते हुए बेल्थरा रोड तक रेलमार्ग बनने से क्षेत्र में आवागमन, व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को गति मिलेगी।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि चारों प्रस्तावों पर शासन स्तर से गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए जाएं तथा प्रत्येक मांग की प्रगति से क्षेत्र की जनता और प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया जाए।
मांग-पत्र देने वालों में मंशा गोंड़, शैलेश कुमार मोनू, विक्रमा मौर्य, अफलातून राष्ट्रीय सचिव समाजवादी जन परिषद, रामाज्ञा राजभर, रामविलास पटेल, जय मौर्य राष्ट्रीय महासचिव चन्द्रगुप्त सेना, शान्ति प्रजापति, बनवारी मिश्र, राम छबीला साहनी, कमला, किसान नेता रामजन्म यादव, एड.प्रमोद यादव, पारस चौरसिया, कुंवतर, देवचंद मौर्य, भागीरथी साहनी सहित समाजवादी जन परिषद एवं विद्यार्थी युवजन सभा के कार्यकर्ता तथा क्षेत्रीय नागरिक शामिल रहे।










