मऊ। मधुबन नगर पंचायत के वार्ड नं. 11 ककराडीह में दो सालों से विद्युत पोल गाड़ने और 16 घरों की विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग को लेकर सोमवार को पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा। परेशान ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो साल से वे बिजली के स्थाई पोल की मांग कर रहे हैं। वार्ड में अब तक बिजली विभाग ने RCC या लोहे का पोल नहीं लगाया है। मजबूरी में बांस-बल्ली के सहारे तार खींचकर 16 घरों में बिजली आपूर्ति की जा रही थी, जो आंधी-बारिश में पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। पिछले कई महीनों से इन 16 घरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है। बच्चे अंधेरे में पढ़ने को मजबूर हैं, तो वहीं घरेलू काम-काज भी प्रभावित हो रहा है। इस भीषण गर्मी और बरसात में बिना बिजली के रहना मुश्किल हो गया है।
पीड़ितों का कहना है कि इस संबंध में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड मधुबन से लेकर उपखंड अधिकारी तक कई बार लिखित शिकायत की गई। हर बार केवल आश्वासन मिला, लेकिन मौके पर आज तक एक भी पोल नहीं गाड़ा गया। विभागीय लापरवाही के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासी हरिमोहन निषाद ने बताया कि वार्ड में तार नीचे लटके हुए हैं, जिससे करंट फैलने और किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। छोटे-छोटे बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन विभाग कुंभकरणीय नींद में सोया हुआ है। सोमवार को आक्रोशित ग्रामीण एकजुट हुए और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर विद्युत पोल नहीं गाड़ा गया और 16 घरों की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे नगर पंचायत कार्यालय और विद्युत उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस अवसर पर हरिमोहन निषाद, कविलाश, अवधेश, रवि, रामबडाई, इंदू देवी, आशा देवी, रमावती देवी सहित वार्ड के दर्जनों महिला-पुरुष मौजूद रहे।










