मऊ। जनपद के मधुबन क्षेत्र की बाढ़, कटान, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य समस्याओं के समाधान सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी राजेंद्र मिश्र ने आमरण अनशन का ऐलान किया है। उन्होंने जिलाधिकारी मऊ को पत्र भेजकर विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की है।
राजेंद्र मिश्र का आरोप है कि देवरांचल क्षेत्र की बड़ी आबादी वर्षों से बाढ़ और घाघरा नदी की कटान की समस्या से जूझ रही है। प्रत्येक वर्ष किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं और कई परिवार प्रभावित होते हैं। उनका कहना है कि बाढ़ नियंत्रण और कटान रोकने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
उन्होंने बाढ़-कटान से संबंधित कार्यों में कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच कराने तथा प्रभावित बेघर परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इसके अलावा नए बंधों का निर्माण, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, मधुबन में मंडी परिषद की स्थापना, मर्यादपुर को ब्लॉक का दर्जा देने और अमिला व थानीदास में अंडरपास निर्माण की मांग रखी है।
ज्ञापन में फतहपुर तालरतोई में मछुआरों के लिए पानी भराव की व्यवस्था, मोहन सेतु का निर्माण शीघ्र पूरा कराने, देवरांचल के धर्मपुर में अस्पताल निर्माण तथा फतहपुर मंडाव ब्लॉक में हुए भुगतानों की न्यायिक जांच की मांग भी शामिल है।
मधुबन तहसीलदार अशोक कुमार कुशवाहा ने राजेंद्र मिश्र से ज्ञापन लेते हुए समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के लिए 10 दिन का समय मांगा। इस पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रशासन को 10 दिन का समय दिया है।
राजेंद्र मिश्र ने कहा कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह दोबारा आमरण अनशन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन से देवरांचल क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की। इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव, विजय शंकर यादव,चन्द्रमणि यादव गुड्ड,अप्पू मौर्य, रामायन यादव, राजेश यादव आदि रहें।










