मऊ। मधुबन तहसील क्षेत्र के सिद्धा अहिलासपुर और कुशहा नसीरपु स्थित अस्थाई गौशाला का रविवार को उपजिलाधिकारी दीपक सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में पशुओं की संख्या तो रजिस्टर के अनुसार सही मिली, लेकिन कई खामियां भी उजागर हुईं। गौशाला में लगे तीन सीसीटीवी कैमरों का मॉनिटर बंद मिलने और बीमार पशुओं के लिए अलग व्यवस्था न होने पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। एसडीएम दीपक सिंह रविवार दोपहर अचानक सिद्धा अहिलासपुर गौशाला पहुंच गए। उन्होंने सबसे पहले गौशाला के रजिस्टर का मिलान मौके पर मौजूद पशुओं से किया। निरीक्षण में रजिस्टर में दर्ज पशुओं की संख्या और मौके पर मौजूद पशुओं की संख्या समान पाई गई, जिस पर उन्होंने संतोष जताया ।
निरीक्षण के दौरान गौशाला परिसर में तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हुए पाए गए, लेकिन उनका मॉनिटर चालू अवस्था में नहीं था। यानि कैमरे तो लगे हैं लेकिन निगरानी नहीं हो रही है। इस लापरवाही पर एसडीएम ने गौशाला संचालक और संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल मॉनिटर को चालू कराने और 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि गौशाला की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। एसडीएम को निरीक्षण के दौरान एक और बड़ी खामी मिली। गौशाला में बीमार पशुओं को रखने के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। स्वस्थ और बीमार पशु एक साथ ही रखे गए थे, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इस पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए खंड विकास अधिकारी को अनिल कुशवाहा को निर्देश दिया कि बीमार पशुओं के लिए तत्काल अलग शेड की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनका बेहतर इलाज हो सके। हालांकि गौशाला में कुछ कमियां मिलीं, लेकिन कई व्यवस्थाएं संतोषजनक भी पाई गईं। गौशाला परिसर में साफ-सफाई की स्थिति ठीक मिली। पशुओं के लिए भूसा, हरा चारा, पानी और पौष्टिक आहार भी निर्धारित मानक के अनुसार उपलब्ध पाया गया। पशुओं को समय से चारा-पानी दिया जा रहा था। एसडीएम ने गौशाला कर्मियों को निर्देश दिया कि पशुओं की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। गर्मी और बरसात के मौसम को देखते हुए पशुओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए और नियमित रूप से पशु चिकित्सक से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशाला की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए और शासन की मंशा के अनुरूप निराश्रित पशुओं की सेवा की जाए।










