Home मऊ एक जीवन बचा,एक परिवार हुआ पूरा,एक नई कहानी की हुई शुरुआत

एक जीवन बचा,एक परिवार हुआ पूरा,एक नई कहानी की हुई शुरुआत

0 राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण इकाई,मऊ में संरक्षित शिशु को दत्तक ग्रहण के निर्धारित विधि एवं प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत जिलाधिकारी ने नए परिवार को सौंपा।

मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण इकाई, मऊ में संरक्षित शिशु प्रद्युम्न को दत्तक ग्रहण की निर्धारित विधि एवं प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत उसके नए परिवार को सौंपा। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने शिशु के उज्ज्वल भविष्य एवं सुखमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को प्रेम, सुरक्षा, सम्मान और परिवार का अधिकार मिलना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 01 दिसंबर 2025 को एक मासूम नवजात शिशु थाना मोहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास लावारिस एवं गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया था। नवजात के शरीर एवं सिर पर गंभीर चोटें थीं तथा सिर से लगातार रक्तस्राव हो रहा था। सूचना प्राप्त होते ही चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, जनपद मऊ द्वारा तत्काल हस्तक्षेप करते हुए नवजात को सुरक्षित संरक्षण एवं आवश्यक चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन तथा संबंधित विभागीय कार्मिकों के निरंतर प्रयास, चिकित्सकीय उपचार, देखभाल एवं संरक्षण के फलस्वरूप शिशु की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए इस मासूम ने जीवन की नई उम्मीद हासिल की। इसके पश्चात बालक के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार आवश्यक विधिक एवं दत्तक ग्रहण संबंधी प्रक्रियाएं पूर्ण की गईं।
14 अगस्त 2026 को दत्तक ग्रहण की समस्त निर्धारित विधि एवं प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन द्वारा बालक प्रद्युम्न को उसके नए परिवार को सौंपा गया। दत्तक माता-पिता श्रीमती अर्चना जायसवाल एवं श्री अमर जायसवाल ने बालक को नया नाम राजवीर जायसवाल दिया।
जिस मासूम के जीवन की शुरुआत अत्यंत कठिन परिस्थितियों में हुई थी, आज उसे एक सुरक्षित परिवार, माता-पिता का स्नेह एवं संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद मिली है। यह घटना महज दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयासों की सफलता का प्रेरणादायी उदाहरण है।
इस अवसर पर चाइल्ड हेल्पलाइन, जनपद मऊ एवं राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण इकाई द्वारा बालक के संरक्षण, उपचार एवं पुनर्वास में सहयोग करने वाले सभी संबंधित विभागों, कार्मिकों एवं सहयोगी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके सामूहिक प्रयासों से बालक को जीवन की नई राह और एक सुरक्षित परिवार मिल सका।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here