मऊ। जनपद के मधुबन में गुरुवार को नवागत उपजिलाधिकारी के कार्यभार संभालते ही माहौल गर्म हो गया। कार्यभार के पहले दिन ही अधिवक्ता संघ के एक गुट ने तहसील परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और एसडीएम की कार्य प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम पूर्व में भी मधुबन में न्यायिक एसडीएम के पद पर रह चुकें हैं ।
बतादें कि मधुबन में नए एसडीएम ने गुरुवार सुबह अपना कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद अधिवक्ता संघ के कुछ पदाधिकारियों के पास शिष्टाचार भेंट के लिए एसडीएम ने सूचना भिजवाई थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद घंटों एसडीएम ने इंतजार कराया। इसके बाद भी एसडीएम उनसे नहीं मिलें। इसी बात से नाराज अधिवक्ताओं का एक गुट तहसील परिसर में एकत्र हो गया और नारेबारी शुरू कर दी। एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि “अधिवक्ता विरोधी कार्यशैली बर्दाश्त नहीं होगी”।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी सिंह ने कहां कि एसडीएम साहब इससे पहले भी मधुबन में न्यायिक एसडीएम के रूप में तैनात रह चुके हैं। उस समय भी अधिवक्ताओं से उनके संबंध ठीक नहीं रहे। अब फिर से उसी अधिकारी की तैनाती से अधिवक्ता वर्ग में निराशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए अधिकारी ने पहले दिन से ही अधिवक्ताओं की अनदेखी शुरू कर दी है, जो न्यायिक व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि कार्यभार ग्रहण करने के दिन कई जरूरी फाइलें और राजस्व संबंधी बैठकें लंबित थीं। इसी व्यस्तता के कारण अधिवक्ताओं से तत्काल मुलाकात नहीं हो सकी। बहुत जल्द बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इस अवसर पर अधिवक्ता जगदीश सिंह,धनंजय पाण्डेय, पारस यादव, हसीन खान, तारिक जमील, राजेश यादव आदि रहें।










